Betul Breking:भाजपा यूवा मोर्चा के पास नही युवा कार्यकर्ता स्कूली बच्चों का हो रहा राजनीति करण !
कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम का हम पूर्ण सम्मान करते हैं
भाजपा यूवा मोर्चा के पास नही युवा कार्यकर्ता स्कूली बच्चों का हो रहा राजनीति करण !
अनोखा सच कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम का हम पूर्ण सम्मान करते हैं लेकीन बच्चो का राजनीति करण भी नहीं होने देगे

बैतूल।भारतीय जनता युवा मोर्चा के पास शायद नहीं है युवा ! तभी भारतीय जनता युवा मोर्चा बैतूल के कार्यकर्ता अपने कार्यक्रम में स्कूल एवं छात्रावास के बच्चों को शामिल कर रहे हैं । बच्चों के हाथ में जहां पेन और कॉपी होना चाहिए वहा भारतीय जनता युवा मोर्चा की मशाल यात्रा में पकड़ कर चल रहे मशाल। बैतूल जिले के आदिवासी छात्रावास पुलिस ग्राउंड के पास मैं रहने वाले बच्चों को भारतीय जनता युवा मोर्चा अपने निजी कार्यक्रमों में बुलाकर उनके समय का दुरुपयोग कर रहे हैं। एक तरफ जा हमने बच्चों से इस बारे में जानकारी मांगी तो उनका कहना है कि हमें नहीं पता कि हमें यहां पर क्यों लेकर आया गया है। जब हमने इस विषय में हॉस्टल के अधीक्षक से चर्चा की तो उनका कहना है कि हमें सहायक आयुक्त शिल्पा जैन मैडम का कॉल आया था कि बच्चों को लेकर शाहिद भवन के पास आ जाओ।
और विस्तार से जानकारी मांगी तो श्री सुरेन्द्र का कहना है कि हमें किसी प्रकार का कोई लिखित आदेश नहीं है। बैतूल में भारतीय जनता युवा मोर्चा के पास पूरे बैतूल जिले में कोई भी टीम नहीं है। जब हमारी इस विषय में कलेक्टर महोदय से बात हुई तो उनका कहना है कि मुझे इस बारे में भी जानकारी नहीं है मैं जानकारी का पता लगाता हूं।

इस मशाल रैली में बैतूल विधानसभा के विधायक हेमंत खंडेलवाल भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला और भारतीय जनता युवा मोर्चा के भास्कर मगरर्दे और अन्य साथी गण मौजूद रहे। ऑफ रिकार्ड जब हमारी एक भाजपा के पदाधिकारी से चर्चा हुई तो उनका कहना है की खबर लगा दो हमको क्या करना हमारा कार्यक्रम नहीं है यूवा मोर्चा का है। जब इस विषय में हमने जनकारी जुटाई तो पता चला कि यह कार्यक्रम कारगिल विजय दिवस का था। कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम का हम पूर्ण सम्मान करते हैं लेकिन भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा अपने निजी कार्यक्रम में पढ़ने लिखने वाले बच्चों को स्कूली ड्रेस में बुलाना यह कहा तक सही है। जिन बच्चों को राजनीति की समझ में नहीं है उनका राजनीतिक कार्यक्रमों में बुलाकर उनका राजनीतिकरण करना यह कहां तक उचित होगा!
