Betul News:बैतूल के जनप्रतिनिधि: विकास की अनदेखी, नाच-गाने में व्यस्तता ?
बैतूल के जनप्रतिनिधि: विकास की अनदेखी, नाच-गाने में व्यस्तता ?

बैतूल में पिछले कुछ वर्षों से जनता के बीच अपने जनप्रतिनिधियों को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का आरोप है कि उनके चुने हुए नेता क्षेत्र के विकास कार्यों को अनदेखा कर, सार्वजनिक कार्यक्रमों में नाच-गाने जैसी गतिविधियों में ज्यादा समय बिता रहे हैं। इससे विकास कार्य, रोजगार, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा हो रही है बैतूल क्षेत्र में बेरोजगारी एक प्रमुख मुद्दा है, और यहाँ औद्योगिक विकास की कमी के चलते युवाओं को रोजगार के लिए अन्य शहरों में पलायन करना पड़ रहा है। तो वही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की धीमी गति और प्राथमिकताओं की अनदेखी को लेकर जनता का असंतोष सी बढ़ रही है। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और समस्याओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उदाहरण के लिए, बैतूल में सड़को में गड्ढे देखते ही विकास समझ आ रहा है किस तरह शहर में काम किया जा रहा है ऐसा नहीं ये की सिर्फ सड़के ही हैं फुटपाथ पर अपने परिवार का जीवन यापन करने के लिए दुकान लगाने वाले दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर हटा दिया गया लेकिन जो धना सेट होने अतिक्रमण कर रखा है उन्हें हटाने की ना तो शासन प्रशासन जरूर करता है ना है जनप्रतिनिधि क्योंकि यही तो वोटर है बाकी नहीं? वही विकासखंड के जामुनढाना गांव में पुल का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है? लेकिन वही घोड़ाडोगरी विधायक के प्रयास से पुल का निर्माण चालू कर दिया है लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है!हर साल बारिश के मौसम में गर्भवती महिलाओं को खाट पर लिटाकर नदी पार करवाई जाती है, जिससे उनकी और उनके परिवारों की जान जोखिम में रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बैतूल के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, प्रशासन की उदासीनता, और जनप्रतिनिधियों की बदलती प्राथमिकताएँ विकास कार्यों की धीमी गति का मुख्य कारण मानी जा रही हैं। जनता का कहना है कि अगर प्रशासन और जनप्रतिनिधि विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें तो इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। विकास की धीमी गति और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही बैतूल जिले की प्रमुख समस्याओं में से एक बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुल, सड़क, और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी जनता की कठिनाइयों को और बढ़ा रही है।हालाँकि, कुछ नल जल योजनाओं और सड़क बनाने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि इन योजनाओं की गति और गुणवत्ता वांछनीय नहीं हैं। अब जनता सवाल कर रही है कि क्या जनप्रतिनिधियों को वास्तव में क्षेत्र के विकास के लिए चुना गया था, या फिर ये नेता अपनी सार्वजनिक छवि चमकाने और मनोरंजन में लिप्त रहने के लिए जनता ने चुना है?जनता का यह भी कहना है कि उनके नेताओं को सार्वजनिक दिखावे से हटकर क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास वापस स्थापित हो सके।
