Betul News:आशा कार्यकर्ता पर दबाव बनाकर शिकायत वापस करवाने प्रयास

आशा कार्यकर्ता पर दबाव बनाकर शिकायत वापस करवाने प्रयास

बैतूल।भैंसदेही विगत दिनों भैंसदेही में आयोजित स्वास्थ्य विभाग का नसबंदी शिविर में महिला आशा कार्यकर्ताओ पर हुई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने तुल पकड़ लिया है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि विकासखंड भैंसदेही में आयोजित होने वाले नसबंदी शिविर के आयोजन के दौरान जिला मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग के भैंसदेही पहुंचे एक संविदा कर्मचारी के द्वारा आशा कार्यकर्तो के साथ विवाद होने के दौरान अपशब्दो के उपयोग पर विकासखंड के समस्त आशा कार्यकर्ताओं ने भैंसदेही थाने में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर दिया।

आशा कार्यकर्ताओ के इस प्रदर्शन से ब्लाक की बीएमओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें 7 दिवस का वेतन काटने का फरमान जारी कर देने के बाद गुस्साई महिला आशा कार्यकर्ताओ के ब्लाक समूह ने उग्र प्रर्दशन के साथ ही कलेक्टर से उचित कार्यवाही की मांग की है। जबकि इस मामले में बीएमओ द्वारा एक पत्रकार की बहन को डरा धमकाकर समाचार प्रकाशित न करने की धमकी भी दी जाने का आडियो सोसल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। हालाकि सोशल मीडिया पर वायरल आडियो की पुष्टि अनोखा सच समाचार पत्र नही करता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर बीएमओ भैंसदेही के नाम पर एक स्क्रीन शॉट पोस्ट के वायरल में बीएमओ पत्रकार को धमकाते हुए यह मेसेज भी कर रही है कि मानहानि के मामले पत्रकार 10 लाख रुपए तैयार रखने को हिदायत भी से रही है।

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के साथ ही भैंसदेही ब्लाक के पत्रकारों द्वारा अब बीएमओ की इस करतूत के खिलाफ कई पत्रकार संगठनों के संपर्क में कार्यवाही के लिए उत्तेजित नजर आ रहा है तो वही कुछ इस मामले को लेकर पत्रकार और बीएमओ के बीच पुरानी रंजिश बता रहे है। लेकिन इन सबके बीच यह खबर आज दिन भर टॉप टेन न्यूज के लिस्ट में शामिल रही जिसकी वजह से जिला स्तर के कई पत्रकार भैंसदेही के पत्रकारों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी को अपडेट लेते रहे। इस पूरे मामले की वजह जानने के लिए पत्रकारों की टीम ने जब जानकारी जुटाई तो सूत्रों ने दावा किया कि मामला तो किसी तीसरे व्यक्ति की वजह से उत्पन्न हुआ जो पूरे मामले से अभी तक नदारद है या उसे बीएमओ भैंसदेही ने बचाने के लिए यह पूरी पटकथा रच डाली।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भैंसदेही में आयोजित नसबंदी शिविर में आशा कार्यकर्त्ता द्वारा कोई फॉर्म कंप्लीट करके जमा करना था किंतु कई आशा कार्यकर्ताओ ने अधूरे फॉर्म जमा किए जिसकी वजह से फॉर्म लेने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और आशा कार्यकर्ताओ के बीच बहस हो गई, जिसके बाद फॉर्म जमा करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने आशा कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ को देखकर एक एक कर जमा करने को कहा जिसे आशा कार्यकर्ताओ ने अनसुनी कर एक साथ टेबल के नजदीक पहुंच कर फॉर्म जमा करने की जल्दबाजी दिखाई जिससे नाराज होकर स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा उन्हें कहा गया कि  चढ़ जाओ। भीड़ और शोर शराबे के चलते आशा कार्यकर्ताओ को सुनने में कुछ अजीब लगा कि उनके खिलाफ अभद्र टिपण्णी की गई। जिससे नाराज होकर आशा कार्यकर्ताओ ने हंगामा मचा दिया। दूसरी तरफ भैंसदेही के दो पत्रकार स्वास्थ्य विभाग की लगातार खबरे प्रकाशित कर रहे थे जिन्हे उक्त मामले की जानकारी मिलने पर वो भी विवादित स्थल पर पहुंचे जिसकी जानकारी बीएमओ भैंसदेही को मिलने पर उनके द्वारा उक्त दोनो पत्रकारों को टारगेट करना शुरू कर दिया। तो वही आशा कार्यकर्ताओ के ऊपर यह भी दबाव बनाया गया कि थाने में की गई शिकायत को तुरंत वापस ले लिया जाए।

जिससे नाराज आशा कार्यकर्ताओ ने बीएमओ भैंसदेही के खिलाफ कारवाही का मन बनाकर उनकी शिकायत भी उच्च अधिकारीयों तक कर डाली। जिससे बोखलाई बीएमओ ने सारा गुस्सा पत्रकारों पर उतार कर उनके खिलाफ सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया दे डाली और उसे वायरल कर दिया। जिससे नाराज स्थानीय पत्रकारों ने कलेक्टर बैतूल को शिकायत करेंगे।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.