Betul News:हिट एंड रन कानून बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने की साजिश: डागा 

संशोधन से पहले जिम्मेदार व्यक्तियों से क्यों नहीं लिए गए सुझाव 

हिट एंड रन कानून बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने की साजिश: डागा 

संशोधन से पहले जिम्मेदार व्यक्तियों से क्यों नहीं लिए गए सुझाव 

बैतूल। कांग्रेस के पूर्व विधायक निलय डागा ने नए हिट एंड रन कानून के प्रावधानों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा यह कानून दोधारी तलवार है। यदि ड्राइवर हादसे के बाद मौके पर मदद के लिए भी रुकता है तो उसके आगे भीड़ के हमले का खतरा होगा। अकसर ऐसे मामलों में भीड़ हिंसक हो जाती है। यदि वह हमले से बचने के लिए भाग निकलता है तो कानून के अनुसार, उसे 10 साल की कैद होगी। इससे उसका पूरा जीवन सड़क पर हुई एक दुर्घटना के चलते प्रभावित हो सकता है। नए नियम बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ड्राइवरों के खिलाफ बनाया गया है। यदि नए नियम के अनुसार वो घायल की मदद करने जाते हैं ऐसे में उन्हें भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। डागा आरोप लगाया कि संशोधन से पहले जिम्मेदार व्यक्तियों से सुझाव नहीं लिए गए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि देश में एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन प्रोटोकॉल का अभाव है। पुलिस वैज्ञानिक जांच किए बिना ही दोष बड़े वाहन पर मढ़ देती है।कानून के विरोध में ट्रक, डंपर और बस चालक सड़कों पर उतर आए हैं। सब्जी, पेट्रोल-डीजल जैसी बुनियादी चीजों की सप्लाई करने वाली ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी ठप पड़ती जा रही हैं। देश के अलग-अलग शहरों में लोग परेशान हो रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले लोग घंटों तक बस स्टॉप पर बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन नहीं मिल रहा है। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई भी बाधित होने के कारण कई पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म होने की बात सामने आ रही है, जिसके बाद पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन पर ईंधन भरवाने वाले वाहनों की कतारें लग रही हैं।

गलती न होने पर भी सजा का प्रावधान

इस नए कानून के तहत कोई भी दुर्घटना होने पर वाहन चालक के खिलाफ 10 साल की सजा और सात लाख तथा घायल व्यक्ति को उपचार के लिए ले जाने पर भी चालक को पांच वर्ष की सजा व पांच लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं दुर्घटना में चालक की लापरवाही या गलती न होने पर भी कानून के तहत उसकी लापरवाही व गलती समझी जाएगी। डागा ने कहा कि जिस दिन से भारत सरकार द्वारा संसद में इस कानून को स्वीकृत कराया गया है। उसी दिन से वाहन चालकों में घोर निराशा बनी हुई है। इस काले कानून के कारण ड्राइवरों का जीवन संकट में पड़ जाएगा, क्योंकि किसी भी वाहन दुर्घटना में निर्दोष होते हुए भी उसे दोषसिद्ध कर दिया जाएगा। ऐसे में परिवार में रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा तथा वाहन चालक के परिवार के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। श्री डागा ने सरकार से जल्द से जल्द इस काले कानून को निरस्त कराने की मांग की।

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