Betul News:आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास खोमई में पदस्थ अधीक्षक को तत्काल हटाने की मांग सरपंच ने की शिकायत, चप्पल से मार-पीट और अपमान का आरोप
आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास खोमई में पदस्थ अधीक्षक को तत्काल हटाने की मांग
सरपंच ने की शिकायत, चप्पल से मार-पीट और अपमान का आरोप

बैतूल। आदिवासी बच्चों के साथ हो रहे अपमानजनक बर्ताव को लेकर ग्राम पंचायत खोमई के सरपंच एवं आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मंगेश सरियाम ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ग्राम पंचायत खोमई से राष्ट्रपति और जनजाति कार्य विभाग मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास खोमई में पदस्थ अधीक्षक धर्मराज मगरदे को तत्काल हटाने की मांग की है।
ज्ञापन में मंगेश सरियाम ने आरोप लगाया है कि अधीक्षक धर्मराज मगरदे ने हाल ही में छात्रावास में कक्षा 10वीं के छात्र चेतन तांडिलकर को बिना किसी कारण के चप्पल से मारा। इतना ही नहीं, छात्र शुभम दहिकर की थाली से गलती से थोड़ी दाल गिर जाने पर अधीक्षक ने उसकी शर्ट उतरवाकर उसी से फर्श पर गिरी दाल को साफ करवाया और गाली-गलौज की। इस अमानवीय कृत्य से छात्रावास में भय और अपमान का माहौल है।
छात्रावास में रहने वाले अन्य बच्चों ने भी अधीक्षक पर अभद्रता के आरोप लगाए हैं। बच्चों का कहना है कि जब उनके माता-पिता उनसे मिलने छात्रावास आते हैं तो धर्मराज मगरदे उनसे भी अभद्रता पूर्वक व्यवहार करता है और सम्मानजनक ढंग से बात नहीं करता। इससे छात्रावास में निवासरत सभी छात्र भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मंगेश सरियाम ने ज्ञापन में मांग की है कि धर्मराज मगरदे को तत्काल हटाकर आदिवासी समाज से किसी योग्य अधीक्षक की नियुक्ति की जाए, जो बच्चों को अपना समझे, उनका ध्यान रखे और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद करे। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान अधीक्षक के कारण छात्रावास में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
