Betul News:ग्राम पंचायत कुनखेड़ी के निर्माण कार्यों में बिलों का अनोखा खेल, सरपंच और सचिव सवालों के घेरे में
सीमेंट रोड निर्माण के भुगतान में सामने आई भारी अनियमितताएं, वेंडर के बिलों की तारीखों और क्रमांकों में धांधली उजागर, नए कलेक्टर के एक्शन पर टिकीं निगाहें
ग्राम पंचायत कुनखेड़ी के निर्माण कार्यों में बिलों का अनोखा खेल, सरपंच और सचिव सवालों के घेरे में।
सीमेंट रोड निर्माण के भुगतान में सामने आई भारी अनियमितताएं, वेंडर के बिलों की तारीखों और क्रमांकों में धांधली उजागर, नए कलेक्टर के एक्शन पर टिकीं निगाहें

बैतूल। भीमपुर ग्राम पंचायत में लगातार सचिव यवले की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है सचिव द्वारा भ्रष्टाचार करने के नए नए अवसर निकाले जा रहे हैं पहले फर्जी फर्म जो जमीन पर है ही नहीं उस फर्म के बिल लगाए जा रहे हैं तो कही 14 लाख मे प्लीथ बनाई है,तो अब ग्राम पंचायत कुनखेड़ी के सरपंच और सचिव द्वारा किए गए निर्माण कार्यों के बिल भुगतान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरपंच और सचिव ने बिल बुक के अंकों का मनमाना खेल खेला है। पंचायत द्वारा बाजार मार्ग पर सीमेंट रोड निर्माण का कार्य कराया गया है, जिसके भुगतान में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। यदि बिलों के भुगतान की तिथियों और उनके क्रमांकों का विश्लेषण किया जाए, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि या तो जिम्मेदार अधिकारियों को गिनती का ज्ञान नहीं है या फिर जल्दबाजी में भारी गड़बड़ी की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमेंट रोड निर्माण कार्य के तहत 8 नवंबर 2025 को बिल क्रमांक 07 के माध्यम से 50,400 रुपये, 10 नवंबर 2025 को बिल क्रमांक 14 के माध्यम से 1,00,275 रुपये, 8 नवंबर 2025 को ही बिल क्रमांक 13 के माध्यम से 48,300 रुपये और 8 नवंबर 2025 को बिल क्रमांक 18 के माध्यम से 55,125 रुपये का भुगतान किया गया है। यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर क्या ऐसी हड़बड़ी थी कि 8 तारीख के बिल में 7 नंबर, फिर 10 तारीख के बिल में 14 नंबर और 8 तारीख को ही 13 नंबर का एवं 8 तारीख को ही 18 नंबर का बिल लगाकर ऑनलाइन भुगतान कर दिया गया। सामान्यतः बिल क्रमांक नीचे से ऊपर या क्रमानुसार लिखे जाते हैं, लेकिन यहां क्रमांकों और तिथियों का यह घालमेल पंचायत के भीतर चल रही धांधली की ओर सीधा इशारा करता है।इसके अतिरिक्त, वेंडर द्वारा प्रस्तुत बिल इस कदर लिखे गए हैं मानो उसने डॉक्टर की पढ़ाई की हो और केवल मेडिकल स्टोर वाला ही उस पर्ची को समझ सके। बिलों में क्या सामग्री खरीदी गई है, यह पूरी तरह से समझ से परे है और इसे केवल सरपंच, सचिव या संबंधित वेंडर ही समझ सकते हैं। भीमपुर ब्लॉक की पंचायतों में इन दिनों 10 प्रतिशत कमीशन की एवज में बिलों के खेल की चर्चाएं आम हैं। इन बिलों को देखकर ऐसा लगता है कि सरपंच और सचिव ने ‘आप लिखें और खुदा बांचे’ वाली कहावत को पूरी तरह से चरितार्थ कर दिया है।

मामले में एक और बड़ा विरोधाभास सामने आया है। कुनखेड़ी से भीमपुर की दूरी मात्र 25 से 30 किलोमीटर है, जबकि भैंसदेही की दूरी लगभग 50 से 60 किलोमीटर है। ऐसे में 50 से 60 किलोमीटर दूर से निर्माण सामग्री खरीदकर पंचायत क्षेत्र में लाना कितना व्यावहारिक और संभव है, यह भी एक बड़ा संदेह पैदा करता है। क्या ग्राम पंचायत के आसपास निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं थी, या फिर इसके पीछे कोई दूसरा ही खेल खेला जा रहा है?
कुनखेड़ी पंचायत के इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय ग्रामीणों को सकते में डाल दिया है। अब यह देखने वाली बात होगी कि जिले के नवागत कलेक्टर इस मामले की कितनी गहराई से जांच करते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। यदि इस पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो यह पुरानी कहावत ‘ढाक के तीन पात’ साबित होगी और क्षेत्र में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
