Crime News:गुप्तेश्वर मंदिर फिर निशाने पर, सीसीटीवी तोड़ डीवीआर ले गए बदमाश।

बार-बार हो रही घटनाओं से नाराज समिति, अज्ञात आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

गुप्तेश्वर मंदिर फिर निशाने पर, सीसीटीवी तोड़ डीवीआर ले गए बदमाश

बार-बार हो रही घटनाओं से नाराज समिति, अज्ञात आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

बैतूल। आठनेर के चौरागढ़ स्थित गुप्तेश्वर मंदिर में एक बार फिर संदिग्ध गतिविधियों ने मंदिर प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। अज्ञात बदमाशों ने रात के अंधेरे में मंदिर परिसर में घुसकर गर्भगृह का ताला तोड़ा, दान पेटी को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया तथा सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाते हुए सीसीटीवी कैमरे तोड़कर डीवीआर अपने साथ ले गए। घटना के बाद भोला मंडल चौरागढ़ गुप्तेश्वर समिति ने थाना आठनेर में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
समिति द्वारा थाना प्रभारी आठनेर को दिए गए आवेदन के अनुसार 5 जून की रात अज्ञात व्यक्तियों ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया। आरोप है कि बदमाशों ने गर्भगृह के ताले तोड़ दिए और दान पेटी को भी तोड़ने का प्रयास किया। घटना से मंदिर परिसर में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

 सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त, डीवीआर भी ले गए

समिति ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के दौरान मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया तथा कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने वाला डीवीआर भी चोरी कर ले गए। इससे घटना के साक्ष्य जुटाने में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा मंदिर की भोजनशाला का ताला भी तोड़े जाने की जानकारी आवेदन में दी गई है।पहले भी हो चुका है चोरी का प्रयास समिति के अनुसार यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मंदिर में चोरी का प्रयास किया जा चुका है, जिसकी सूचना आठनेर थाने में दी गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही समिति के सदस्य मंदिर परिसर पहुंचे और तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। समिति अध्यक्ष सहित सदस्यों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर अज्ञात आरोपियों का पता लगाने तथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में समिति अध्यक्ष रवि अड़लक के साथ तरुण गायकवाड़, सोनू घोडकी और महादेव गावंडे, अर्चित राव मगरदे, राकेश राठौर अमित जीतपुरे, ललित करोले सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। समिति का कहना है कि मंदिर परिसर में बार-बार हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।

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