Political News:आदिवासी सांसद गुम हैं! खोजने वाले को मिलेगा 150 रुपये इनाम!
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी, विपक्ष का तंज अत्याचार के वक्त क्यों हो जाते हैं अदृश्य?
आदिवासी सांसद गुम हैं! खोजने वाले को मिलेगा 150 रुपये इनाम!
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी, विपक्ष का तंज अत्याचार के वक्त क्यों हो जाते हैं अदृश्य?

बैतूल। जिले की राजनीति इन दिनों सोशल मीडिया पर चल रही एक “तलाश अभियान” से गर्मा गई है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार तलाश किसी अपराधी या लापता व्यक्ति की नहीं, बल्कि जिले के सांसद और केंद्रीय मंत्री की बताई जा रही है। आदिवासी कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। वायरल पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा गया है “आदिवासी सांसद लापता हैं”। इसके साथ ही पोस्ट में दावा किया गया है कि आदिवासियों के नाम पर वोट मांगने वाले नेता, आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं सामने आने पर अचानक नजर आना बंद कर देते हैं। पोस्ट में व्यंग्य करते हुए यह भी लिखा गया है कि यदि कोई इन “लापता सांसद” को खोजकर सूचना देगा तो उसे 150 रुपये का इनाम दिया जाएगा। हाल ही में जिले में आदिवासी समुदाय से जुड़े विवाद और मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह पोस्ट सामने आया है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि जब आदिवासी समाज न्याय की मांग कर रहा था, तब उनके प्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से कहीं दिखाई नहीं दिए। इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर यह कटाक्षपूर्ण अभियान चलाया गया है। फेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे पोस्टर पर लोग भी जमकर टिप्पणियां कर रहे हैं। कोई इसे राजनीतिक व्यंग्य बता रहा है तो कोई जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि तंज, ट्रोल और जवाबी हमलों का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका है। यहां पोस्टर और मीम कई बार विपक्ष के भाषणों से ज्यादा असर छोड़ जाते हैं। हालांकि वायरल पोस्ट में लगाए गए आरोपों पर सांसद या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना जरूर है कि “लापता सांसद” वाला यह पोस्टर जिले में चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

फिलहाल बैतूल की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है सांसद सचमुच लापता हैं या फिर विपक्ष की नजरों से ओझल?उपशीर्षक: “वोट के समय दिखे थे हर चौपाल पर, अब सोशल मीडिया पूछ रहा जनाब, आप हैं कहाँ?
नोट : यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर और उस पर सामने आ रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। पोस्टर में लगाए गए आरोप संबंधित राजनीतिक दल के हैं। समाचार का उद्देश्य वायरल पोस्ट और राजनीतिक चर्चा की जानकारी पाठकों को देना है। पोस्टर में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई नाही अनोखा सच न्यूज पोर्टल करता है
