Betul tournament: टूर्नामेंट करवा रहे या भर रहे अपनी जेब आयोजित समिति!

टूर्नामेंट करवा रहे या भर रहे अपनी जेब आयोजित समिति!

बैतूल वैसे तो क्रिकेट एक ऐसा खेल जिसमें बड़े बच्चे बुजुर्ग सभी ही खेलने के लिए तैयार रहते हैं अगर क्रिकेट को खेल भावना से खेला जाए तो उसका स्टार बहुत अच्छा रहता है और लोगों के मन में आपके लिए हमेशा तारीफ ही मिलेंगे लेकिन अगर वही खेल को राजनीति स्टेट कर दिया जाए तो जनता के लिए आप एक मजाक बन कर रह जाओगे वैसे बैतूल जिले में पहले भी टूर्नामेंट किए जाते थे और क्रिकेट प्रेमी आयोजन समिति करवाती थी लेकिन जिस तरह से अब बैतूल में खेल की आड़ में अपनी जेब गरम कर रहे कुछ टूर्नामेंट करवाने वाले हम नहीं खिलाड़ियों के मुंह से निकल रहा है कि अब पहले जैसे क्रिकेट टूर्नामेंट ना ही कहीं होते हैं और ना ही कहीं खिलाये जाते हैं टूर्नामेंट करने वाले क्रिकेट आयोजित समिति टीम के लिए नियम तो बनती है लेकिन खुद उसे फॉलो नहीं करती न्यू बैतूल में चल रहे स्वर्गीय विजय खंडेलवाल स्मृति में टूर्नामेंट में रविवार के दिन एक ऐसा ही मामला देखने में आया जहां पर दो टीमों के बीच मैच खेला जा रहा था तो वही आयोजक समिति द्वारा किसी को मौसी तो किसी को मामी की नजर से देखा गया जिसको मामी की नजर से देखा गया वहां बाहर की टीम थी और जिसे मौसी की नजर से देखा गया वहां खुद आयोजन समिति की टीम जिसे कमेटी की टीम कहा जा रहा था ऐसा हमारा नहीं वहां पर मौजूद जनता एवं खिलाड़ियों का कहना है वैसे किसी महान व्यक्ति के नाम पर अगर टूर्नामेंट कराया जा रहा है तो उस पर कभी कोई भी विवाद या उंगली नहीं उठता है लेकिन पैसे को लेकर आयोजन समिति में पहले से ही दो गुट बन गए जिसमें से एक व्यक्ति द्वारा थाने में आवेदन देकर अपना नाम को टूर्नामेंट समिति से हटाने के लिए कोतवाली थाना प्रभारी से आगरा भी कर दिया आखिर क्या वजह रही थी जो टूर्नामेंट कर रहे मेन व्यक्ति ने अगर बीच टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले और उसे टूर्नामेंट के किसी भी मामले से अपना नाम हटाने को थाना प्रभारी से आगरा कर दे तो यह एक टूर्नामेंट नहीं सिर्फ औपचारिकता रह जाती है वहीं कुछ जागरूक लोगों का कहना है कि यह एक महान व्यक्ति के नाम पर टूर्नामेंट कराया जा रहा था लेकिन महानता तो कहीं इस टूर्नामेंट में दिखाई ही नहीं दे रही पैसे बचाने के चक्कर में अपनी ही एक टीम को जैसे तैसे फाइनल में प्रवेश करवा दिया अब देखना यहां होगा कि क्या बाहर की टीम फाइनल जीती है या फिर कमेटी की टीम फिर रोग गाकर उसे टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला अपने नाम का पहला इनाम बचाकर अपने जेब गर्म कर लेगी!

इनका कहना है

हां मेरे द्वारा टूर्नामेंट की प्लानिंग की गई थी और इस आयोजन भी मेरे द्वारा किया जा रहा था लेकिन मैंने जिन तत्वों के आधार पर टूर्नामेंट करने की अपील की थी वह इस टूर्नामेंट में कहीं नहीं दिखाई दिया इसलिए मैंने बीच टूर्नामेंट से अपना नाम समिती से हटाने के लिए कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित में आवेदन दिया है उसे आवेदन की कॉपी मैंने आपको भेज है

अभिषेक ( निशु ) धोटे

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