Betul breaking News: खबर का असर इंटरनेशनल इंडिया मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर प्रशासन ने मारा छापा छात्र-छात्राओं के साथ धोखाधड़ी का मामला
खबर का असर इंटरनेशनल इंडिया मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर प्रशासन ने मारा छापा छात्र-छात्राओं के साथ धोखाधड़ी का मामला

अनोखे सच की खबर का हुआ असर कुछ दिन पहले हमारे अनोखे सच न्यूज़ में इंटरनेशनल मार्केटिंग कंपनी के खिलाफ खबरें प्रकाशित की गई थी जिसको देखकर कई शिकायतकर्ता सामने आए मंगलवार के दिन शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर ने खबरें एवं आवेदन को तुरंत संज्ञान में लेकर मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरन्त सदर में लिंक रोड पर ममता मेटरनिटी नर्सिंग होम्स के सामने स्थित इंटरनेशनल मार्केटिंग कंपनी के दफ्तर पर आखिर मंगलवार को एसडीएम, तहसीलदार और टीआई की टीम ने छापा मार दिया। दरअसल मार्केटिंग कंपनी द्वारा कई युवाओं से नौकरी दिलाने के बहाने लाखों रूपए की राशि के वारे-न्यारे कर दिए थे। सांझवीर टाईम्स ने पिछले दिनों प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा। समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी, लेकिन कंपनी के दफ्तर में दलालनुमा लोग संचालक को बचाने के लिए अचानक सक्रिय हो गए। हालांकि प्रशासन के ईमानदार अधिकारियों ने दलालनुमाओं को चलते कर दिया।शहर में कई मार्केटिंग कंपनियों ने आमद देकर युवाओं को ठगने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन कंपनियों ने प्रशासन से अनुमति लिए बिना संचालन शुरू कर दिया है। बड़े और ऑलीशान दफ्तर खोलकर बेरोजगार युवाओं को सब्जबाग दिखाकर लाखों रूपए ठगने के बाद इन कंपनियों की असलियत सामने आ रही है। ताजा मामला इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी लिंक रोड द्वारा युवाओं को ठगी करने का मामला सामने आया।
टीम पहुंची तो बड़ी संख्या में बेरोजगार मिले
एसडीएम अभिषेक चौरसिया, तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव और कोतवाली टीआई देवकरण डहेरिया की संयुक्त की टीम मंगलवार दोपहर सदर स्थित इंटरनेशिया मार्केटिंग कंपनी के दफ्तर पहुंची तो वह अचंभित रह गई। दरअसल यहां बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक और युवतियां मौजूद थी, जिन्हें नौकरी के नाम पर प्रशिक्षण दिया जा रहा था। एसडीएम और तहसीलदार ने यहां के कर्ताधर्ताओं से अनुमति और अन्य दस्तावेज मांगे है। जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण के नाम पर मौजूद युवक-युवतियों से भी चर्चा की जा रही है। संभावना है कि मार्केटिंग कंपनी के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है। समाचार लिखे जाने तक अधिकारी मामले की जांच में लगे हुए है।
