Polise News:मुखबीर मुखबीर सिपाही का पता लगाओ!

मुखबीर मुखबीर सिपाही का पता लगाओ! 

आखिर पुलिस विभाग में कौन बिल्ली है किस ने गले में घंटी बांधी!

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बैतूल। आप लोगों ने बचपन में एक कहानी सुनी होगी है आखिर क्यों नही बचपन में ओ कहानी बहुत चर्चित है उसे कहानी का आज भी लोग उदारहण देते हैं एक बिल्ली ने चूहों की जमात में आतंक मचा दिया. वो दबे पांव आती और चूहों की फौज में से एक को खा लेती. चिंतित चूहों ने एक सभा बैठाई और उससे निपटने का उपाय ढूंढने लगे. एक बूढ़े चूहे ने सुझाव दिया कि बिल्ली से लड़ा तो जा नहीं सकता लेकिन अगर उसके गले में घंटी बांध दी जाए तो उसके आने का पता हमें चल जाएगा. इस तरह पहले ही चूहे वहां से भाग जाएंगे. सूत्रधार यह कहावत बैतूल पुलिस विभाग के लिए सटीक बैठती है जहा बैतूल शहर व ग्राम जुए की फट से सजा हुआ है जिसकी ओर जिला प्रशासन की निगाहें तो है लेकिन कार्रवाई करने से हिचकीचाहट देखी जा सकती है! एक ओर जिला प्रशासन कहता है कि खबर छापने से पहले हमें एक बार जानकारी दे दे तो हम तत्काल कार्यवाही कर जुवाडियो को पकड़ ले। जब इसी बात को ध्यान में रखते हुए कुछ जागरूक युवा द्वारा जुए की फड़ की सूचना दी जाती है तो यह सुचना किसने दी यह भी जुवारियों को पता लग जा रहा है। एसी जानकारी जुआरियों तक पहुंचना कहीना न कही संदेह उत्पन्न कर रही है।मुलताई थाना क्षेत्र में पड़ने वाली चौकी में आखिर वह कौन सिपाही है जो अपने चौकी के क्षेत्र में जुआ खेलने की परमिशन दे दी गई है वह भी वरिष्ठ अधिकारियों का नाम बता कर की आखिर उन्हें भी कुछ तो लगेगा लेकिन वास्तविकता अगर इसकी जानी जाए तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है! लेकिन क्यों पुलिस विभाग में अपने वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लेकर उनकी छवि को धूमिल किया जा रहा है ऐसे कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा करवाई करनी चाहिए ऐसे ही जिला मुख्यालय पर भी सिपाहियों की बल्ले बल्ले हो रही है क्योंकि मुख्यालय में किसी से छुपा नहीं है कि किस क्षेत्र में कहा जुआ चल रहा है लिंक रोड के बंद कमरे में हो या फिर चक्कर रोड की पहाड़ी या फिर पटरी पर वही मुख्यालय से महज 8 किलो मीटर हाइवे से लगे खेत हो लेकीन जब भी उस क्षेत्र के थाना प्रभारी द्वारा टीम बनाकर जुआरीओ को पकड़ने के लिए जाती है उससे पहले ही विभाग में बैठे विभीषण द्वारा सूचना देकर भगा दिया जाता है। अब तो वरिष्ठ अधिकारियों को अपने मुखबिर द्वारा ही पता लगाना चाहिए कि आखिर वह कौन सा सिपाही है जो विभीषण की भूमिका में विभाग के अंदर बैठा है!

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