Betul News:उठ चंदा बस एक ही धंधा धर्म के नाम पर लेना है चंदा वरना कैसे चलेगा मेरा धंधा!

उठ चंदा बस एक ही धंधा धर्म के नाम पर लेना है चंदा वरना कैसे चलेगा मेरा धंधा!

उठ चंदा बस एक ही धंधा की तर्ज पर जिले में इन दिनो पत्रकारिता के नाम तथाकथित पत्रकार बन घुम रहे कुछ लोग आम लोगो को लुट रहे है। जिले मे आये दिन किसी न किसी माध्यम से लोग ठगे जा रहे है। शासकीय कार्यालय हो या महिला सहायता समुह या सोसाइटी, छात्रावास इन सभी जगहो पर कर्मचारी तथाकथित पत्रकार से परेशान है! इस तथाकथित पत्रकार द्वारा पेपर के नाम से लोगो को ब्लेक मेल, धमकी भी देते आ रहा है!बैतूल में भी पत्रकारिता को कलंकित करने में लगे हैं कुछ तथाकथित पत्रकार जो अपने आप को वरिष्ठ बताते फिरते है कई ऐसे लोग भी जो अपने अख़बार का नाम करने मे लगे है। उनको न तो खबरो से कोई लेना देना रहता है न ही जन सरोकार से, उनका एक ही उदेश्य होता पैसे की वसुली । आये दिन महिला सहायता समूहो, सोसाइटी, निजी स्कूल संचालको, शिक्षाकर्मीयों को अपना शिकार बनाते देखा गया है। इस तथाकथित पत्रकार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घुमते हुए नजर आएंगे! जो आज चार पहिया वाहन मे घुमकर अपने आप को वरिष्ठ पढे लिखे पत्रकार समझ रहे है।यह किसी भी व्यक्ति के निजता का उलग्घन करने से बाज नही आते है । किसी अधिकारी के निजी जीवन में दखलदांजी करना यह किसी भी तरह से पत्रकारिता में स्वीकारोक्ति नही है । इस तरह से किसी की निजता का उलग्घन और उसे समाज मे परोसा जाना यह घृणित अपराध की श्रेणी में आता है ।उल्लेखनीय है कि इस तरह से निजता को समाज मे परोसने के पीछे की मंशा क्या है यह व्यक्ति की जो किसी भी तरह अधिकारियों को टार्गेट करते है और अधिकारियों से मोटी रकम की मांग करते है । जब इन्हें पैसे नही मिलते तो यह इस तरह से निजी जीवन को छापकर खुद को पत्रकार समाज का हितैषी बताते है। वैसे इस व्यक्ति द्वारा अपने बड़प्पन के लिए खुद ही बड़ बोले बोल अपने और लोगो से प्रकाशित कराते हैं इतना ही नहीं इस व्यक्ति द्वारा आपने आप को वरिष्ठ पत्रकार के साथ साथ धर्म के नाम से लोगो से चंदा भी बहुत लिया जाता है हालांकि हम किसीभी धर्म को लेकर किसी की भावना पर ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है लेकिन ऐसे धर्म के नाम पर चंदा मांगने वाले लोगों से सावधान रहे जिससे धर्म भी बचा रहे और धर्म का पालन भी हो वैसे इस व्यक्तिके बारे में कहाजाता है कि हरिराम नाई के इसमें सारे गुण है इनके गुना को प्रशासनिक एवं आम नागरिक बखूबी जानता है। इस लिए कहते हैं उठ चंदा बस एक ही धंधा धर्म के नाम पर लेना है चंदा कैसे चलेगा मेरा धंधा! चार पाई कैसे चलाऊंगा वरना जब तक नहीं होगा मेरा धंधा क्योंकि लोगो से चलता धंधा मेरा वरना कैसे बचेगा खिचड़ी का गंजा क्यों की लोगो को लूटने में गंजा करता मेरा धंधा जब तक है मेरा गंजा ऐसे ही चलते रहेगा मेरा धंधा।

नोट इस खबर का उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है लेकिन जो धर्म के नाम पर लोगों से पैसे मांग कर अपना घर चला रहे उन से सावधान रहे ऐसे किसी भी व्यक्ति को जो किसी संस्था के अध्यक्ष हो और अपने आप को उसका रक्षक बताते हैं ऐसे लोगों से सावधान रहा है।

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