Betul News:पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग का शिकार हुई जिला पंचायत सदस्य, एसपी से की न्याय की मांग
पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग का शिकार हुई जिला पंचायत सदस्य, एसपी से की न्याय की मांग

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार रामकिशोर पंवार और उनके पुत्र मोहित पंवार पर गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब और सुर्खियों में आया जब एक महिला जनप्रतिनिधि ने इनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला।
महिला जनप्रतिनिधि के आरोप
महिला जनप्रतिनिधि के देवर राजेश ठाकुर के अनुसार, मुलताई के संदीप गुज़रे ने दलित समाज का सहारा लेते हुए एसटी-एससी एक्ट के तहत झूठे आरोप लगाने की धमकी दी। रामकिशोर और मोहित पंवार ने कथित तौर पर कोई खबर न छापने के एवज में 20,000 रुपये की मांग की थी। जब उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो दोनों ने बेबुनियाद और अपमानजनक खबरें प्रकाशित कीं। इससे महिला जनप्रतिनिधि की सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है, और उन्हें अपने जनसेवा के कार्यों से भी दूरी बनानी पड़ी है। इस तरह की घटना समाज में पत्रकारिता के प्रति बढ़ते अविश्वास को दर्शाता है। पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को सच्चाई से अवगत कराना है, लेकिन इस प्रकार के कृत्य पत्रकारिता के सम्मान को कम कर रहे हैं। इस तरह की घटना ने मीडिया और समाज के अन्य वर्गों में आक्रोश पैदा कर दिया है।यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब दलित पत्रकार राहुल नागले ने मुख्यमंत्री के पास नंगे पैर पैदल यात्रा की थी, जिसमें उन्होंने ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी। अब इस नए प्रकरण ने जिला प्रशासन को फिर से कठघरे में खड़ा कर दिया है।
एसपी से शिकायत और प्रशासन की कार्रवाई की मांग
महिला जनप्रतिनिधि और उनके परिवार ने एसपी से संपर्क कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि इस मामले ने न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है, बल्कि उनकी सामाजिक स्थिति को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अब देखना होगा की प्रशासन क्या कार्रवाई करता है क्योंकि लगातार ब्लैकमेलिंग कर रहे पिता पुत्र पर लगातार आरोप लग रहा है कही ऐसा ना हो की जैसे ब्लैकमेलिंग के चलते सारणी भाजपा नेता ने आत्मदाह का कदम उठाया कोई बेकसूर बैतूल में भी ना ऐसा कदम उठा ले? इससे पहले प्रशासन द्वारा इन ब्लैकमेल पिता पुत्र के खिलाफ कार्रवाई कर लेना चाहिए ताकि सारणी जैसा कृत्य बैतूल ना हो पिता पुत्र की ब्लैकमेलिंग से किसी बेगुनाह की जान ना जाए ? यह देखने के लिए कि वे इस मामले को किस प्रकार से सुलझाते हैं और पत्रकारिता के इस दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
