Betul News:आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पत्रकार रामकिशोर पंवार की अधिमान्यता निरस्त
आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पत्रकार रामकिशोर पंवार की अधिमान्यता निरस्त

बैतूल। झूठ कितना भी चिल्लाए लेकिन सच्चाई के आगे हमेशा दबता नजर आया है यह कहावत सच हो गई है ब्लैकमेलिंग एवं अडीबाजी करने वाले के खिलाफ युवा पत्रकार राहुल नागले द्वारा अन्य त्याग कर न्याय यात्रा निकाली गई थी जो बैतूल से भोपाल सीएम हाउस जाने के लिए अपने साथियों के साथ निकले थे लेकिन बुधनी तक पहुंचने के बाद सीएम हाउस एवं बैतूल प्रशासन के आश्वासन के बाद न्याय यात्रा स्थगित की गई थी जिसके चलते प्रशासन ने जो आश्वासन दिया था उस पर संज्ञान लेते हुए। तहसील स्तरीय अधिमान्य रामकिशोर पंवार की अधिमान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। यह कार्रवाई नवीन अधिमान्यता नियम 2023 के कंडिका 8(3) के तहत की गई है। इस नियम के अनुसार, यदि किसी मीडिया प्रतिनिधि पर एफ.आई.आर. दर्ज हो, वह आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो, उसका आचरण संदिग्ध हो, या उसके खिलाफ न्यायालय में अभियोग-पत्र दाखिल हो, तो उसकी अधिमान्यता रद्द की जा सकती है।जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रामकिशोर पंवार के खिलाफ एक आपराधिक मामले में अभियोग-पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया है, जिसके आधार पर उनकी अधिमान्यता रद्द की गई। इस निर्णय का अनुमोदन आयुक्त जनसंपर्क विभाग ने किया है, और आदेश प्र. अपर संचालक (अधिमान्यता) संजय जैन द्वारा जारी किया गया।
अधिमान्यता प्रक्रिया पर उठते सवाल
रामकिशोर पवार ने जो अधिमान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े करता है। अधिमान्यता हासिल करने के लिए पुलिस थाने से चरित्र सत्यापन आवश्यक होता है, लेकिन रामकिशोर पंवार को यह सत्यापन प्रमाण पत्र किस थाने से मिला, यह अब जांच का विषय बन गया है।जानकारी के अनुसार, पंवार पर जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और सारणी थाने से उन्हें जिला बदर भी किया जा चुका है। इस प्रकार, ऐसे व्यक्तियों को अधिमान्यता मिलने की प्रक्रिया को लेकर पुलिस विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।रामकिशोर पंवार की अधिमान्यता रद्द किए जाने का निर्णय नवीन अधिमान्यता नियम 2023 के तहत मीडिया जगत में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो पत्रकारिता के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं।
