Betul News:बैतूल जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन के विदाई समारोह में नियमों की अनदेखी
जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई या फिर जांच के अभाव में मामला दबा दिया जएगा
बैतूल जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन के विदाई समारोह में नियमों की अनदेखी
जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई या फिर जांच के अभाव में मामला दबा दिया जएगा

बैतूल जिला चिकित्सालय में आज एक विचित्र दृश्य देखने को मिला। अस्पताल परिसर, जहां शोर-शराबे और ध्वनि प्रदूषण पर सख्त पाबंदी है, वहां सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा और डॉ. नागले के सेवानिवृत्ति समारोह के दौरान ध्वनि नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई।जिला चिकित्सालय परिसर, जहां हजारों मरीज अपने इलाज के लिए आते हैं, आज मरीजों की जरूरतों के बजाय कर्मचारियों के उत्सव का केंद्र बन गया। विदाई समारोह के दौरान अस्पताल के भीतर बैंड-बाजों का उपयोग किया गया। यह घटना लेब के अंदर और परिसर के अन्य हिस्सों में हुई, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।अस्पताल में भर्ती मरीज, जो पहले ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें शोर-शराबे के कारण और अधिक तनाव झेलना पड़ा। अस्पताल परिसर में न केवल हार्न बजाने पर प्रतिबंध है, बल्कि किसी भी प्रकार के शोरगुल की अनुमति नहीं है।

इसके बावजूद, स्टाफ द्वारा बैंड-बाजों और नृत्य के माध्यम से समारोह आयोजित किया गया।अस्पताल परिसर में यह आयोजन ध्वनि प्रदूषण रोकने के नियमों और मरीजों की सुविधा के अधिकार का उल्लंघन करता है। सवाल यह उठता है कि यदि आम जनता शोर करती है तो उसे अपराध माना जाता है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए यह उत्सव क्यों बन जाता है?इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों की सुविधा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिन पर होती है, वही यदि नियमों को ताक पर रखें तो इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है इस घटना को लेकर मरीजों और उनके परिजनों ने नाराजगी जाहिर की है। वे चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। वही बैतूल जिला चिकित्सालय में जिस तरह से बाजे बजा कर शोर मचाया गया कही न कही प्रशासन और कर्मचारियों की लापरवाही को दर्शाती है। वहीं जब इस मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई तो उनका साफ तौर पर कहना है कि इसकी हम जांच करेंगे लेकिन क्या जांच वास्तव में सही होगी जिस तरह जिला चिकित्सालय परिषद में और सर्व किया गया उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी वैसे लोगों का कहना है कि डॉक्टर अशोक बारंगे एक जिम्मेदार पद से रिटायरमेंट हुए हैं क्या उन्हें नहीं पता था कि अस्पताल परिसर में इस तरह का शोर करना एक अपराध की श्रेणी में आता है तो वही अब देखना होगा कि बैतूल कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन पर क्या कार्रवाई की जाती है या फिर जाँच के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति की जएगी वही अस्पताल में मरीजों को शांति और स्वस्थ वातावरण की जरूरत होती है, वहीं इस तरह की घटना उनके लिए परेशानी का कारण बनी हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह के नियम उल्लंघन न हों।
इनका कहना है
जिस तरह से अस्पताल परिसर के अंदर बाजे बजा कर शोर मचाया गया है उसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कारवाई की जाएगी
डॉ रविकांत ऊईके सीएमएचओ
