Police News:बैतूल से कम नहीं होता साहब का मोह हर बार लौट आते हैं SDOP सुनील लाटा!

बैतूल से कम नहीं होता साहब का मोह हर बार लौट आते हैं SDOP सुनील लाटा!

मध्यप्रदेश पुलिस के एसडीओपी (SDOP) सुनील लाटा का बैतूल जिले से जुड़ाव अब चर्चा का विषय बन चुका है। बीते वर्षों में उन्हें कई जिलों में स्थानांतरित किया गया, मगर हर बार वे किसी न किसी रूप में फिर से बैतूल लौटने में सफल रहे। सवाल उठता है—आख़िर ऐसा क्या है बैतूल में, जो साहब को बार-बार खींच लाता है? सुत्रों की मानें तो सुनील लाटा के कार्यकाल में जितनी बार ट्रांसफर ऑर्डर जारी हुए, लगभग हर बार उनकी वापसी बैतूल या उसके आसपास ही होती रही। चाहे वो थाना प्रभारी के तौर पर रहे हों या फिर एसडीओपी के पद पर—बैतूल से उनका मोह कभी टूटा नहीं। स्थानीय लोगो में चर्चा है कि सुनील लाटा की कार्यशैली में फील्ड ड्यूटी से ज्यादा जुगाड़बाज़ी पर भरोसा रहता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि जब वे बैतूल में थाना प्रभारी थे, तब उनके कई फैसलों और गतिविधियों को लेकर जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच नाराजगी देखी गई थी। बावजूद इसके, एक बार फिर उनकी पोस्टिंग बैतूल में कर दी गई है।स्थानीय हलकों में यह सवाल आम हो चला है कि आखिर लाटा के पास ऐसा कौन सा ‘चिराग’ है जो हर बार उनकी “मनोकामना पूर्ण” करवा देता है। क्या यह सिर्फ संयोग है या प्रशासनिक मशीनरी में कोई अदृश्य ताकत उनके पक्ष में सक्रिय है? सूत्रों के अनुसार, सुनील लाटा की हालिया वापसी से स्थानीय जनता असंतुष्ट है। कई लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि जिनके पिछले कार्यकाल में विवादों की भरमार रही, उन्हें दोबारा जिले में लाना आम जनता के साथ विश्वास घात है।

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