betul News:जननी और 108 सेवा बनी ‘कैश ऑन कॉल’: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल
जननी और 108 सेवा बनी ‘कैश ऑन कॉल’: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल

मध्यप्रदेश सरकार भले ही “जननी सुरक्षा योजना” और “108 एम्बुलेंस सेवा” को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए मील का पत्थर बता रही हो, लेकिन भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल के गृह जिले बैतूल में यह दावा महज कागज़ी साबित हो रहा है। हालात ये हैं कि अस्पताल से घर तक ले जाने के लिए जननी वाहन चालक पहले “खर्चा-पानी” मांगते हैं और पैसे देने वालों को प्राथमिकता पर ले जाते हैं अस्पताल। बाकी लोग कॉल करते रह जाते हैं जननी सेवा में खुली लूट: बैतूल जिला चिकित्सालय में प्रसूताओं को जननी वाहन के लिए दिनभर इंतजार करना पड़ा। कई बार कंट्रोल रूम कॉल करने के बाद भी एम्बुलेंस नहीं आई।108 एम्बुलेंस सेवा के ड्राइवर कॉल नहीं उठाते, और सीधा पैसे की मांग करते हैं। पैसे मिलने पर ही मरीज को उठाया जाता है।भोपाल स्थित जननी कंट्रोल रूम की कॉल भी लोकल ड्राइवर नहीं उठाते, कॉल व्यस्त बताकर टालते हैं जनसमस्याओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील।सूत्रों के अनुसार जननी और 108 का ठेका जिस ठेकेदार के पास है, वह भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का घनिष्ठ है। क्यों कि बड़े बड़े होडिंग शहर के चौराहों पर इस बात का खुले आम जिक्र हो रहा है। इसी कारण कोई उस पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
इस लचर व्यवस्था का सबसे बड़ा खामियाजा गरीब, आदिवासी और मजदूर वर्ग की महिलाओं और नवजातों को उठाना पड़ रहा है, जो अस्पतालों में प्रसव के बाद घर वापसी के लिए सरकारी सुविधा के नाम पर सिर्फ “उपेक्षा और शोषण का शिकार बन रही हैं।
अब सवाल यह उठता है
क्या बैतूल कलेक्टर इस खुली लूट का संज्ञान लेंगे?
क्या भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अपने गृह जिले में हो रही इस शर्मनाक व्यवस्था पर कोई जवाबदेही लेंगे?
क्या स्वास्थ्य विभाग ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई करेगा जो जन सेवा को धंधा बना चुके हैं?
