Betul News:इतनी आंखें बंद मत करो साहब!जब भष्टाचार सामने हो तो चुप्पी भी जुर्म बन जाती है!डोक्या पंचायत में खुला भास्टाचार!
इतनी आंखें बंद मत करो साहब!जब भष्टाचार सामने हो तो चुप्पी भी जुर्म बन जाती है!डोक्या पंचायत में खुला भास्टाचार!

ग्राम पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार अब कोई रहस्य नहीं रहा। न जनता अंधी है और न ही बेखबर। लोग देख रहे हैं, सुन रहे हैं, और आवाज़ भी उठा रहे हैं। सवाल ये है क्या सिस्टम सुन रहा है? मगर अफ़सोस, ज़िम्मेदार अफसरों की आंखें अब भी बंद हैं! वही बात करे ग्राम पंचायत डोक्या की, जहां लाखों रुपए के निर्माण कार्यों में खुला फर्जीवाड़ा हुआ है। इस मामले में शिकायत हुई है साक्ष्य दिए, यहां तक कि कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ तक मामले को पहुंचाया गया। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के मुताबिक, जिस ठेकेदार ने सरपंच सचिव के साथ मिलकर लाखों का गमन किया है वह क्षेत्रीय विधायक का करीबी बताया जा रहा है! अब सवाल उठता है क्या इसी कारण बच रहा है? क्या इसी कारण अधिकारी चुप हैं? इतना ही नहीं,अनोखा सच” ने जब इस मामले की तहकीकात शुरू की, तो खबर न चलाने और शिकायत वापस लेने के लिए प्रलोभन तक देने की कोशिश की गई। पर जो सच्चाई को दबाने की कोशिश करेगा। अनोखा सच दबने वाला नहीं है! वही अनोखा सच अपनी असल पहचान दिखाता है चेहरे के पीछे का नकाब हटाता है! जानता के मुद्दों पर खुल कर लिखता है ताकि जनता को जो सरकार से लाफ मिलता है मिले ऐसे भाष्ट लोगों को उजागर करना अनोखा सच का काम है!

क्या ज़िम्मेदार अधिकारी इस बार जागेंगे?
क्या भ्रष्टाचारियों से वसूली कर, उन्हें दंडित किया जाएगा?
या फिर यह सिस्टम सत्ता पक्ष के नेता आगे दबाव में आंखें मूंदे रहेगा?
कलेक्टर साहब आपकी चुप्पी भी जवाबदेह है।अब जनता देख रही है कार्रवाई होगी या भ्रष्टाचार यूं ही खुलेआम चलता रहेगा?”यदि अब भी आंखें बंद रहीं साहब, तो यह चुप्पी भी एक ‘अपराध’ मानी जाएगी।
