Betul News:सत्ता में बैठे लोगों से नहीं पूछे जाते सवाल विपक्ष को किया जाता है ट्रोल बैतूल में पत्रकारिता का अलग ही है ट्रेंड
सत्ता में बैठे लोगों से नहीं पूछे जाते सवाल विपक्ष को किया जाता है ट्रोल बैतूल में पत्रकारिता का अलग ही है ट्रेंड।

बैतूल जिले में एक ट्रेंड खूब देखा जा रहा है जहां वर्तमान में सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि से विकास हो या रोजगार हो या फिर शिक्षा लोगों के जो फायदे पहुंचा वह महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में नहीं पूछा जाता। नाही कभी जनप्रतिनिधियों को उनकी कमी गिनवाई लेकिन अगर सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों को कभी छींक भी आ जाए तो खूब लिखा जाता है मानो यही बैतूल में विकास है इतना ही नहीं कभी खिलाफ में लिखना मानो इनको आता ही नहीं है लेकिन बैतूल के कुछ ऐसे भी पत्रकार है जो अपना धर्म निभा रहे हैं। कुछ तो इतने ईमानदार हैं कि अगर किसी ने सच का आईना दिखाया तो उनकी कटिंग इतने ईमानदारी से पहुंचाएंगे मानो इनको अभी ही लिफाफा मिल जाएगा। वैसे एक बैतूल के बाहुबली विकास पुरुष का ट्रेंड अच्छा है किसको कितना और कब उपयोग करना है। जरूरत पर किस तरह किसके खिलाफ लिखवाना है ये अच्छे से उपयोग करते हैं। इतना ही नहीं जिसका कंधा उपयोग करते हैं। उसको ऐसा एहसास दिलाएंगे मान्यवर उनके खास है। लेकिन जैसे ही काम निकलेगा मान्यवर का नजरिया बदल जाता है। वैसे इनके बारे में कहा जाता है कि अगर इनके खिलाफ कोई लिखता है या सोशल मीडिया पर ट्रोल करता है तो बोलते कुछ नहीं लेकिन झूठे मामले दर्ज करा दिए जाते हैं!शायद इनके खिलाफ इस लिए कोई लिखता नहीं है। अभी हाल ही में इनके भवन से कुछ लिफाफे बांटने की भी बात कही जा रही है और जब लिफाफे बाटे जा रहे थे उस लिफाफे वजन हैसियत के हिसाब से लगाया गया। कुछ लोग तो वास्तव में अपना जमीर बेच कर अपनी पहचान गिरवी रख कर आ गए जिनका जमीर जिन्दा था ओ वापिस कर के आ गए इस लिए सच बोल पाते हैं और लिख पाते हैं। किसी के लिए प्रीपेड खबर नहीं लिखते स्वतंत्र है और स्वतंत्र ही खबरें लिखी जाती है अनोखा सच जो चेहरे के पीछे का नकाब हटाता है।
