Betul News:आस्था के नाम पर आज फिर होगा हुड़दंग? दस दिन भगवान गणेश की भक्ति, विसर्जन के दिन नशे में हुड़दंग और रातभर तेज डीजे क्या यही है आस्था?
आस्था के नाम पर आज फिर होगा हुड़दंग? दस दिन भगवान गणेश की भक्ति, विसर्जन के दिन नशे में हुड़दंग और रातभर तेज डीजे क्या यही है आस्था?

बैतूल। गणेश उत्सव के दस दिनों तक श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और सेवा में जुटे रहते हैं। पंडालों में धार्मिक आयोजन होते हैं और भक्तिमय माहौल दिखाई देता है। लेकिन सवाल उस समय खड़ा होता है, जब विसर्जन के दिन आस्था का यह माहौल कथित तौर पर तेज डीजे, फिल्मी गानों, नशे और रातभर चलने वाले हुड़दंग में बदलने की शिकायतें सामने आती हैं।क्या भगवान गणेश की विदाई का मतलब यह है कि भक्ति के नाम पर पूरी रात तेज आवाज में डीजे बजाया जाए? क्या धार्मिक आयोजन की आड़ में ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों को नजरअंदाज करना उचित है!शिकायत यह भी रहती है कि जब प्रशासन या पुलिस की ओर से तेज आवाज और समय-सीमा को लेकर रोक-टोक की कोशिश होती है, तो कुछ आयोजकों की ओर से कथित रूप से नेताओं को फोन लगाने की धमकी दी जाती है। यदि ऐसा है, तो सवाल यह है कि कानून व्यवस्था में जनप्रतिनिधि का नाम लेकर दबाव बनाने की जरूरत आखिर क्यों पड़ती है?दस दिन तक भगवान गणेश को श्रद्धा से विराजमान करने वाले भक्तों को उनकी विदाई भी उसी श्रद्धा और अनुशासन के साथ करनी चाहिए। आस्था अगर अनुशासन भूल जाए तो फिर सवाल सिर्फ डीजे की आवाज का नहीं, बल्कि आस्था की मर्यादा का भी बन जाता है। अब देखना यह है कि विसर्जन की रात प्रशासन नियमों का पालन कराने में कितना प्रभावी रहता है और क्या धार्मिक आयोजन के नाम पर देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायतों पर वास्तव में कार्रवाई होती है या फिर हर बार की तरह मामला सिर्फ समझाइश तक सीमित रह जाता है।
अनोखा सच न्यूज का उद्देश्य किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ करने ओर किसी भी व्यक्ति को ठेस पहुंचाने का नहीं है लेकिन आस्था के नाम पर हुड़दंग करने वाले को आईना दिखा भी हमारा काम है
