Betul News:सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, किसानों ने घेरा कलेक्ट्रेट
लल्ली चौक पर पुतला दहन के दौरान वाटर कैनन से मचा हड़कंप, राज्यपाल के नाम सौंपा 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, किसानों ने घेरा कलेक्ट्रेट
लल्ली चौक पर पुतला दहन के दौरान वाटर कैनन से मचा हड़कंप, राज्यपाल के नाम सौंपा 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

बैतूल। किसानों और मतदाताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर बुधवार को बैतूल में कांग्रेस ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। सैकड़ों ट्रैक्टरों के काफिले के साथ जिलेभर से किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा के नेतृत्व में निकली किसान न्याय रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन का घेराव किया।वृंदावन गार्डन से शुरू हुई जनरैली में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर शामिल रहे। रैली के दौरान किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने किसानों की समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
लल्ली चौक पर पुतला दहन, वाटर कैनन से बढ़ा हंगामा
आंदोलन के दौरान लल्ली चौक पर प्रदर्शन ने अचानक जोर पकड़ लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पुतला दहन का प्रयास किए जाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार से मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
14 सूत्रीय मांगों के साथ किसानों की आवाज बनी कांग्रेस
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। इसमें फसलों के लाभकारी समर्थन मूल्य से लेकर बिजली, खाद, सिंचाई, फसल बीमा और दूध के उचित मूल्य तक की मांग शामिल है।ज्ञापन में मक्का ₹3,000, धान ₹3,500, गेहूं ₹3,000, चना ₹7,000 और सोयाबीन ₹7,000 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य किए जाने तथा किसानों की उपज की खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।कांग्रेस ने फसल बीमा की क्षतिपूर्ति राशि तत्काल देने और बंदर एवं जंगली सूअर से फसल को होने वाले नुकसान की भी भरपाई किए जाने की मांग रखी है।
स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस का विरोध
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर भी कांग्रेस ने विरोध जताया। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल रोकने और जहां मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें हटाने की मांग की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
खाद की कालाबाजारी रोकने और ई-टोकन व्यवस्था बंद करने की मांग
ज्ञापन में खाद की कीमतें कम करने, ई-टोकन व्यवस्था बंद करने और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई। कांग्रेस ने ग्राम पंचायत स्तर पर सोसायटी के माध्यम से खाद उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त निगरानी की मांग की।
सिंचाई के लिए 14 घंटे बिजली, दूध का भाव ₹60 करने की मांग
कांग्रेस ने किसानों को सिंचाई के लिए प्रतिदिन 14 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही दूध उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए दूध का मूल्य ₹60 प्रति लीटर निर्धारित किए जाने की मांग रखी गई।इसके अलावा नहरों के उचित रखरखाव और टेल प्वाइंट तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
आदिवासी किसानों, विस्थापन और रोजगार के मुद्दे भी उठे
कांग्रेस ने ग्राम बड़ोरी के आदिवासी किसानों को उनकी जमीन से बेदखल नहीं करने की मांग की। वहीं डोलियामहु ग्राम पंचायत बोरीकास के विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए शीघ्र विस्थापन की मांग की गई।घोड़ाडोंगरी डेम के टेस्टिंग एवं ट्रायल कार्य में हो रही देरी को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए और कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
सारणी के नव निर्मित 660 मेगावाट पावर प्लांट में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई।
पाढर धर्मशाला के पट्टे का मुद्दा भी उठा
कांग्रेस ने पाढर स्थित इंडोबाई धर्मशाला के पट्टे का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि स्वामित्व योजना के तहत भाजपा नेता के नाम पट्टा किए जाने से ग्रामीणों में रोष है। कांग्रेस ने पट्टा निरस्त कर धर्मशाला को सार्वजनिक उपयोग के लिए रखे जाने की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की भी मांग
कांग्रेस के ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी शामिल रही। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने अथवा इस्तीफा देने की मांग की।
किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश
कुल मिलाकर ट्रैक्टरों के बड़े काफिले, किसानों की भीड़ और कलेक्ट्रेट घेराव के जरिए कांग्रेस ने बैतूल में अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान उठाई गई मांगों के जरिए कांग्रेस ने किसानों, आदिवासियों, बेरोजगार युवाओं और बिजली-खाद जैसी स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
