Betul News:माता रानी की भक्ति में डीजे का ‘पावर’! भाजपा नेता के मैयत वाले बयान ने मुलताई की शांति समिति पर उठाए सवाल

डीजे नहीं बजा तो विसर्जन नहीं, मैयत निकालेंगे” — वायरल वीडियो ने छेड़ी नई बहस, आस्था पर भारी पड़ी सियासत?

माता रानी की भक्ति में डीजे का ‘पावर’! भाजपा नेता के मैयत वाले बयान ने मुलताई की शांति समिति पर उठाए सवाल

डीजे नहीं बजा तो विसर्जन नहीं, मैयत निकालेंगे” — वायरल वीडियो ने छेड़ी नई बहस, आस्था पर भारी पड़ी सियासत?

बैतूल। नवरात्रि का पर्व नजदीक है मंदिरों में तैयारियां चल रही हैं, भक्त माता रानी की आराधना की तैयारी में जुटे हैं और प्रशासन शांतिपूर्ण आयोजन के लिए शांति समिति की बैठकें कर रहा है। लेकिन मुलताई की एक बैठक से सामने आया कथित बयान अब भक्ति से ज्यादा डीजे और राजनीति की चर्चा करा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक भाजपा नेता के हवाले से कथित तौर पर कहा जा रहा है कि डीजे बजाने की अनुमति नहीं मिली तो माता रानी का विसर्जन नहीं, “मैयत” निकालेंगे। वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर धार्मिक आस्था के आयोजन में डीजे को इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है? अब लगता है मानो भाजपा नेताओं को  माता रानी की भक्ति में अब शायद आरती से ज्यादा डीजे के डेसीबल का महत्व तय होने लगा है! अगर प्रशासन किसी नियम के तहत ध्वनि सीमा या डीजे को लेकर निर्णय लेता है, तो क्या उसका जवाब ऐसी भाषा में देना उचित है? वैसे अगर यही शब्द किसी कांग्रेस नेता या आम जनता बोल देती तो मानो भाजपा नेता हिंदू संगठन सब सड़क पर आ जाते और धर्म का ज्ञान देने लग जाते तो उन सभी जिम्मेदार लोगों से सवाल है कि क्या इस भाजपा नेता पर कोई करवाया होगी! शांति समिति का नाम ही अपने आप में बताता है कि बैठक का उद्देश्य शांति, सौहार्द और व्यवस्था बनाए रखना है। लेकिन वायरल वीडियो के बाद सवाल यह भी उठ रहा है यह शांति समिति थी या डीजे की आवाज बढ़ाने की समिति?धार्मिक आयोजन किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल की जागीर नहीं होते। माता रानी का पर्व समाज के हर वर्ग की आस्था से जुड़ा है।ऐसे में राजनीतिक बयानबाजी अगर धार्मिक भावनाओं के बीच जगह बनाने लगे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।भक्ति मन से होती है, माइक से नहीं। श्रद्धा आरती से होती है, डेसीबल मीटर से नहीं। फिर आखिर ऐसा क्या है कि डीजे की अनुमति को लेकर बात माता रानी के विसर्जन से निकलकर “मैयत” तक पहुंच गई?बताया जाता है कि संबंधित भाजपा नेता पूर्व में भी एक कथित विवादित झंडा प्रकरण को लेकर चर्चा में रहे हैं। वायरल वीडियो के बाद उनकी कथित बयानबाजी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है।माता रानी की भक्ति में डीजे जरूरी है या श्रद्धा?प्रशासन के नियम मानना जरूरी है या राजनीतिक रसूख दिखाना?

 

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