Betul News:एकलव्य के फर्जीवाड़े में प्राचार्य सहित सात पर कार्यवाही, ट्रायवल विभाग प्रमुख भी संदेह के घेरे में
एकलव्य के फर्जीवाड़े में प्राचार्य सहित सात पर कार्यवाही, ट्रायवल विभाग प्रमुख भी संदेह के घेरे में

बैतूल। जनजातीय कार्य विभाग में आदिवासी बच्चों के हक और अधिकार को अपनी काली कमाई का जरिया बनाने वाले जिम्मेदारों पर आखिर गाज गिर ही गई। जांच के दौरान फर्जी वाड़े के सूत्रधार प्राचार्य एसके डोनिवाल, व्याख्यता एनके शर्मा एवं पीजीटी केके कटारे को निलंबित कर कार्यवाही के लिए प्रस्ताव आयुक्त जनजाति कार्य विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल को भेजा गया है। इसके अलावा फर्जीवाड़े में शामिल अतिथि अधीक्षक आशीष यादव, अतिथि अधीक्षिका सुश्री स्वेता बिसेन को सेवा से पृथक किये जाने के निर्देश प्राचार्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को दिये गए हैं। निश्चित रूप से कलेक्टर की यह कार्यवाही सराहनीय है। लेकिन जिस सहायक आयुक्त की नाक के नीचे यह पूरे फर्जीवाड़े का खेल खेला गया वो भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं हैं। जांच के दौरान यह पता लगाना जरूरी हो गया है कि समय रहते इस फ़र्जीवाड़े को रोका क्यों नहीं गया। आखिर किसकी शह पर लगभग 7 करोड़ रुपये सालाना बजट वाले इस परिसर में काला खेल खेला जा रहा था।
बैठकों से बनाई दूरी, अंदर अंदर होता रहा घोटाला
इस पूरे फर्जीवाड़े में नियमों की धज्जियां किस तरह उड़ाई गयी हैं, इस पर भी नजर डालना जरूरी है। कार्यालय सचिव मध्य प्रदेश स्पेशल एंड रेसिडेंशियल एकेडमिक सोसायटी एमपीसरस भोपाल से जारी बायलाज के पत्र क्रमांक 886 दिनांक 27 जुलाई 2020 की कंडिका 19 के तहत जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान विहित है जिसमें कलेक्टर बैतूल अध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सदस्य, कार्यपालन यंत्री परियोजना क्रियान्वयन इकाई लोक निर्माण विभाग सदस्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास सदस्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सदस्य, प्राचार्य एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट सदस्य, केंद्रीय विद्यालय , नवोदय विद्यालय के प्राचार्य में से कलेक्टर द्वारा नामांकित एक सदस्य रहना निश्चित है। कंडिका 19 में उल्लेख है कि जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें समिति के अंतर्गत संचालित जिले में आने वाली समस्त एकलव्य आवासीय शैक्षणिक संस्थानों के लिए वार्षिक कार्य योजना एवं वार्षिक बजट का अनुमोदन के बाद क्रियान्वन एवं मॉनिटरिंग का उल्लेख है। जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त बैतूल के द्वारा वित्तीय वर्ष 2023, 24 में कोई भी जिला स्तर स्तरीय समिति की बैठक नहीं की जिसके कारण प्राचार्य सहायक आयुक्त जनजाति के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करते रहे और सहायक आयुक्त मूकदर्शक बनकर देखते रहे। उक्त बायलाज की कंडिका 20 के अनुसार विद्यालय स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान विहित है, जिसमें तमाम विभाग प्रमुख सदस्यों के अलावा मेरिट में आने वाले बच्चों के पालक भी सदस्य हैं और विद्यालय स्तरीय समिति की बैठक प्रति माह आयोजित करने के निर्देश हैं। लेकिन इन निर्देशों की भी धज्जियां उड़ा कर रख दी गई। निर्देश की कंडिका एक में प्रत्येक वर्ष विद्यालय का वार्षिक बजट एवं कार्य योजना तैयार कर नियमित बैठक कर कार्य योजना को उक्त विद्यालय स्तरीय समिति से अनुमोदित करने का प्रावधान भी विहित है जिसे सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग बैतूल के पत्र क्रमांक 7910 दिनांक 7 दिसंबर 2021 से प्राचार्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शाहपुर भैंसदेही एवं चिचोली को जारी किया गया था। इसमें लेख है कि कंडिका 19 के अनुसार जिला स्तर पर विशिष्ट विद्यालय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय हेतु सामग्री क्रय संस्था के संचालन एवं अन्य गतिविधियों तथा इत्यादि अन्य व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन की दृष्टि से जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन से सामग्री क्रय संस्था संचालन की व्यवस्था किए जाने हैं किंतु प्राचार्यो के द्वारा विधिवत रूप से नस्ती जिला स्तरीय समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत नहीं की जा रही है। वर्ष 23,24 में सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग बैतूल के द्वारा किसी भी प्रकार का कोई भी पत्र आज दिनांक तक किसी भी प्राचार्य को जिला स्तरीय समिति में प्रस्तुत करने हेतु नहीं लिखा गया और ना ही जिला स्तरीय समिति की कोई बैठक आयोजित की गयी जो गम्भीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
करोड़ो की रकम लेकर किसने किसने किये हाथ काले
इन सब कारगुजारियों का प्राचार्य ने सीधा फायदा उठाया। वित्तीय वर्ष 23,24 में एसके डोनिवल के द्वारा आलोक सिंह ठेकेदार मां वैष्णो ट्रेडिंग एजेंसी भोपाल के साथ मिलकर वाउचर क्रमांक 25, वाउचर क्रमांक 47 वाउचर क्रमांक 81, वाउचर क्रमांक 122 में 113344 राशि का भ्रष्टाचार किया। विजय सिंह ठेकेदार महाकाल ट्रेडिंग एजेंसी भोपाल जो कि आलोक सिंह ठेकेदार के पिता है के साथ मिलकर वाउचर क्रमांक 42 वाउचर क्रमांक 43 वाउचर क्रमांक 44 वाउचर क्रमांक 48 वाउचर क्रमांक 50 वाउचर क्रमांक 51 वाउचर क्रमांक 57 वाउचर क्रमांक 58 वाउचर क्रमांक 83 में 64866 रूपये का भ्रष्टाचार किया। इसी तरह तरुण धोटे ठेकेदार गैलेक्सी इंटरप्राइजेज एंड सर्विस भोपाल के साथ मिलकर वाउचर क्रमांक 49, वाउचर क्रमांक 52, वाउचर क्रमांक 54, वाउचर क्रमांक 61, वाउचर क्रमांक 62, वाउचर क्रमांक 63, वाउचर क्रमांक 64 में राशि का भ्रष्टाचार किया। रुपेश ठाकरे देवांशु इंटरप्राइजेज भोपाल के साथ मिलकर वाउचर क्रमांक 53, वाउचर क्रमांक 55, वाउचर क्रमांक 56, वाउचर क्रमांक 60, बॉक्सर क्रमांक 65, वाउचर क्रमांक 66, वाउचर क्रमांक 67, वाउचर क्रमांक 70, वाउचर क्रमांक 71, वाउचर क्रमांक 72, वाउचर क्रमांक 73, वाउचर क्रमांक 74, वाउचर क्रमांक 75, वाउचर क्रमांक 76, वाउचर क्रमांक 77 में 7 लाख 50 हजार 888 राशि का भ्रष्टाचार किया गया। आलोक सिंह मां वैष्णो ट्रेडिंग एजेंसी भोपाल मेस ठेकेदार के द्वारा वाउचर क्रमांक 108 को बदलकर 40 हजार 856 रुपए का भ्रष्टाचार किया गया। आलोक सिंह के साथ ही मिलकर वाउचर क्रमांक 120 से 205029 राशि का अत्यधिक भुगतान कर भ्रष्टाचार किया गया प्रशासन के द्वारा उक्त ठेकेदारों को बचाया जा रहा है। शिकायतकर्ता मुन्नालाल वाड़िवा के द्वारा उक्त ठेकेदारों के विरुद्ध प्रथम सूचना पत्र पंजीबद्ध करने की मांग की जा रही है। साथ ही सहायक आयुक्त जनजाति कार्य बैतूल के विरुद्ध भी सोसायटी के उक्त बायलाज के अनुसार कार्य नही करने के कारण कठोर कार्यवाही की मांग की हैं।
