Betul News:बैंकिंग धोखाधड़ी प्रकरण में अधिवक्ता रजनीश जैन की प्रभावी पैरवी से आरोपी को मिली जमानत
बैंकिंग धोखाधड़ी प्रकरण में अधिवक्ता रजनीश जैन की प्रभावी पैरवी से आरोपी को मिली जमानत

बैतूल।बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े एक प्रकरण में जिला न्यायालय ने आरोपी को बड़ी राहत देते हुए जमानत प्रदान की है। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश जैन द्वारा की गई सशक्त, तथ्यों पर आधारित एवं कानूनी दृष्टि से मजबूत पैरवी को अदालत ने गंभीरता से सुना, जिसके बाद जमानत आवेदन स्वीकार किया गया।प्रकरण के अनुसार, आरोपी पर बैंकिंग लेन-देन में अनियमितता एवं धोखाधड़ी से जुड़े आरोप लगाए गए थे।आर्थिक अपराधों से जुड़े एक चर्चित और जटिल प्रकरण में अधिवक्ता रजनीश जैन ने अपनी सशक्त, तथ्यपरक एवं विधि-सम्मत पैरवी से न्यायालय को प्रभावित करते हुए आरोपी बृजेश महाजन को जमानत दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।आरोपी बृजेश महाजन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रकरण में बैंक खाते के दुरुपयोग, एटीएम ट्रांजेक्शन एवं साइबर माध्यम से कथित लेन-देन जैसे तकनीकी और संवेदनशील आरोप शामिल थे, सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रजनीश जैन ने न्यायालय के समक्ष स्पष्ट किया कि आरोपी का कोई आपराधिक पूर्व इतिहास नहीं है, वह प्रारंभ से ही जांच में सहयोग कर रहा है तथा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया विवादित तथ्यों पर आधारित हैं।अधिवक्ता जैन ने यह भी तर्क रखा कि मामले की संपूर्ण जांच दस्तावेज़ों पर आधारित है, जिनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। इसके अतिरिक्त उन्होंने सुप्रीम कोर्ट एवं उच्च न्यायालयों के प्रासंगिक निर्णयों का हवाला देते हुए दलील दी कि विचाराधीन कैदी को अनावश्यक रूप से कारावास में रखना न्यायसंगत नहीं है, जब तक कि उसके फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की ठोस आशंका न हो। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत न्यायालय ने आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान करते हुए निर्देश दिए कि वह जांच में पूर्ण सहयोग करेगा तथा न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन सुनिश्चित करेगा।न्यायालय के इस आदेश के बाद आरोपी पक्ष में खुशी का माहौल है, वहीं कानूनी जगत में अधिवक्ता रजनीश जैन की प्रभावी पैरवी की सराहना की जा रही है।
