Betul News:आखिरकार मुलताई को किसकी लगी नजर बैतूल जिले की शांतिप्रिय ताप्ती नगरी में इन दिनों अशांति क्यों
आखिरकार मुलताई को किसकी लगी नजर बैतूल जिले की शांतिप्रिय ताप्ती नगरी में इन दिनों अशांति क्यों

मध्य प्रदेश के सतपुड़ा की वादियों में बैतूल जिला स्थित है वहीं बैतूल जिले में एक ऐसी नगरी है जहां मां ताप्ती का उद्गम स्थल है आज वही मां ताप्ती के उद्गम स्थल मुलताई नगर में इन दिनों अशांति का माहौल बना हुआ है विगत दिनों पहले कुछ युवाओं के साथ संघ के प्रचारक से मारपीट की घटना ने मध्य प्रदेश ही नहीं देश में सुर्खियां बटोरी थी एक छोटी सी मोटरसाइकिल की टक्कर के विवाद ने मुलताई नगर में हिंसक रूप ले लिया था वही यहां हिंसक रूप पहले ही रूख सकता था लेकिन शासन प्रशासन की लापरवाही के चलते मुलताई नगर में आगजनी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और अब एक आदिवासी युवक को सारे आम चाकू मार कर उसकी हत्या कर दी गई जिससे मां ताप्ती की पवित्र नगरी में डर का माहौल बना हुआ है अगर पहले की घटना को देखते हुए मुलताई नगर के प्रशासन में सख्ती रहती तो आज यहां घटना शायद ना हो पाती लेकिन होनी को कौन टाल सकता है लेकीन मुल्ताई नगर की आम जनता में एक सवाल बनकर उठ रहा है कि अगर शासन प्रशासन अपने रवैया को सख्त करके काम करता तो आज ये सब होने वाली घटनाओं को कुछ हद तक रोका जा सकता था लेकिन शासन प्रशासन की लापरवाही के चलते मुलताई नगर में लगातार ऐसी घटनाएं होती देखी जा रही है कभी न्यायालय परिसर के सामने जमीनी विवाद को लेकर मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है तो कभी एक युवक की सरे आम चाकू मार कर हत्या कर दी जाती है तो कभी मामूली से विवाद में सारा शहर आग की जद मैं आ जाता है वही आदिवासी युवक की हत्या के मामले में एक सवाल यह उठकर आ रहा है कि इन छोटे-छोटे नाबालिक बच्चों को कहां से इतना हौसला मिल गया जो इतना बड़ा कदम इन बच्चों ने उठा दिया आखिरकार ऐसी मानसिकता आजकल के बच्चों की कैसे बन रही है क्या इनको कुछ ऐसे लोग हैं जो संरक्षण देते हुए उनकी मानसिकता बदलने की कोशिश कर रहे हैं या फिर सोशल मीडिया से इनकी मानसिकता बदल रही है यहां तो शोध का विषय है लेकिन हां शहर शहर के माहौल को दोबारा बरकरार यथावत स्थिति में लाने के लिए मुलताई नगर के शासन प्रशासन को सख्त होना पड़ेगा और हर चौक चौराहा और चप्पे चप्पे पर कड़ी नजर रखनी पड़ेगी वही मुलताई में जितनी भी घटनाएं हुई है उन घटना को देखते हुए सोशल मीडिया पर अधिकतर लोगों ने पुलिस के ऊपर सवाल खड़े करते हुए इन घटनाओं के पीछे अवैध जुआ अवैध शराब और अवैध सट्टा और अवैध नशीले पदार्थ को जिम्मेदार ठहराया है जबकि शासन प्रशासन का क्या यह दायित्व बनता है कि पवित्र नगरी में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए लेकिन पवित्र नगरी में ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा मुलताई की पवित्र नगरी की गलियों में सट्टा पट्टी काटी जा रही है अवैध रूप से शराब बेची जा रही है अवैध रूप से जुआरी जुआ खेलते देखे जा सकते हैं लेकिन फिर भी शासन एवं पुलिस प्रशासन का इस और ध्यान नहीं है वहीं अगर हम इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की बात करते हैं तो जनप्रतिनिधियों को भी शहर से और शहर के लोगों से कुछ भी लेना-देना नहीं समझ में रहा है क्योंकि जब शहर में इतनी अवैध गतिविधियां हो रही है तो भी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि चुप्पी सादे अपने घर पर बैठे दिखाई दे रहे हैं पहले मुलताई नगर बहुत ही शांत वातावरण से घिरा हुआ था लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि मुलताई की हवा में कोई जहर घोलने का काम कर रहा है यह एक बहुत बड़ी बात है और एक बहुत बड़ा शोध का विषय है
