Betul News:बैतूल में अतिक्रमण हटाओ अभियान: गरीबों पर सख्ती, कोठी बाजार सीमेंट रोड पर चुप्पी

बैतूल में अतिक्रमण हटाओ अभियान: गरीबों पर सख्ती, कोठी बाजार सीमेंट रोड पर चुप्पी

बैतूल, 16 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश के बैतूल शहर में प्रशासन द्वारा बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस अभियान में सड़क किनारे छोटे-मोटे अतिक्रमण, खासकर गरीब व्यापारियों और ठेला-खोमचा वालों के ढांचों को निशाना बनाया गया। हालांकि, शहर के सबसे व्यस्त और चर्चित कोठी बाजार सीमेंट रोड पर बड़े व्यापारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर प्रशासन की नजरें नहीं उठीं। इस दोहरे रवैये ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है, जो सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हर बार गरीबों पर ही बुलडोजर क्यों चलता है?बैतूल प्रशासन ने भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानें, ठेले, और छोटे ढांचों को ध्वस्त किया गया। प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई यातायात को सुचारू करने और शहर को व्यवस्थित बनाने के लिए की गई। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अभियान केवल गरीब और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाता है, जबकि बड़े और प्रभावशाली व्यापारियों के अतिक्रमण को अनदेखा किया जाता है।

कोठी बाजार सीमेंट रोड: अतिक्रमण का गढ़

कोठी बाजार सीमेंट रोड, बैतूल का सबसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र है, जहां बड़े व्यापारियों द्वारा बेसमेंट पार्किंग की जगह दुकानें संचालित की जा रही हैं। इस क्षेत्र में सड़क पर अवैध रूप से गाड़ियां पार्क की जाती हैं, जिससे यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके बावजूद, प्रशासन ने इस क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं की। विशेष रूप से, धन्ना स्टोन की दुकान, जो सीमेंट रोड से सटी हुई है, के सामने खुले तौर पर अतिक्रमण किया गया है, लेकिन इसे छूने की हिम्मत न तो प्रशासन ने दिखाई और न ही किसी अधिकारी ने इसकी सुध ली। एक छोटी दुकान चलाते हैं, ने कहा, “हर बार गरीबों के ठेले और खोमचे हटाए जाते हैं, लेकिन सीमेंट रोड पर बड़े व्यापारियों ने सड़क तक कब्जा कर रखा है। उनकी दुकानों के सामने सामान रखा रहता है, गाड़ियां खड़ी रहती हैं, फिर भी प्रशासन चुप है। यह कैसा न्याय है?”

पिछले साल की कार्रवाई: वादे अधूरे 

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पिछले वर्ष, तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी भदौरिया के नेतृत्व में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। उस समय भी कोठी बाजार सीमेंट रोड के अतिक्रमण को हटाने का वादा किया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। प्रशासन ने हाल ही में फिर दावा किया कि “एक-दो दिन में” सीमेंट रोड का अतिक्रमण हटाया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोग इसे खोखला वादा मानते हैं। एक व्यापारी, जो नाम न छापने की शर्त पर बोले, ने कहा, “हर बार यही कहा जाता है कि दो दिन में कार्रवाई होगी, लेकिन दो दिन का मतलब दो साल होता है।https://youtu.be/3nfUGrIjduw?si=0sxZ4ecShckcGGzj

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में प्रशासन के दोहरे रवैये की शिकायतें आम हैं। छोटे व्यापारियों और सड़क किनारे ठेले लगाने वालों का कहना है कि उनके पास जीविका चलाने का कोई दूसरा साधन नहीं है, फिर भी प्रशासन उन्हें बेरहमी से हटा देता है। दूसरी ओर, बड़े व्यापारी, जिनके पास रसूख और पैसा है, खुले तौर पर नियमों का उल्लंघन करते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। धन्ना स्टोन की दुकान का उदाहरण देते हुए एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह दुकान सड़क से सटी है, सामने सामान बिखरा रहता है, लेकिन प्रशासन को कुछ दिखता ही नहीं। क्या यह डर है या कोई और सेटिंग?”

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