Betul News:फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बड़ा एक्शन जांच के बाद प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
रामनगर बैतूल के राजू सोनारे पर फर्जी प्रमाण पत्र लेने का आरोप
फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बड़ा एक्शन जांच के बाद प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
रामनगर बैतूल के राजू सोनारे पर फर्जी प्रमाण पत्र लेने का आरोप

बैतूल। जिले में जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति ने नियमों के खिलाफ जाकर गलत तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्राप्त कर शासन को धोखा दिया। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की, जिसमें खुलासा हुआ कि रामनगर बैतूल निवासी राजू सोनारे ने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए अपनी वास्तविक जाति छुपाकर खुद को आदिवासी घोषित कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एसडीएम कार्यालय से प्रमाण पत्र बनवा लिया।शिकायतकर्ता सोहन राठौर द्वारा दी गई शिकायत के बाद प्रशासन ने राजू सोनारे के जाति प्रमाण पत्र की जांच शुरू की। जांच के दौरान ग्राम दभेरी, तहसील बैतूल में उनके पारिवारिक सदस्यों और स्थानीय लोगों से जानकारी ली गई। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि राजू सोनारे की जाति गायकी है, जो अनुसूचित जनजाति की सूची में नहीं आती है। इसके बावजूद उन्होंने कूट रचित दस्तावेजों का उपयोग कर गलत तरीके से आदिवासी प्रमाण पत्र बनवाया।जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उनके परिवार के सदस्य झनक सोनवाने, जो उनके चाचा हैं, उन्होंने भी यह स्वीकार किया कि उनका परिवार मराठी और हिंदी भाषी है और उनकी जाति अनुसूचित जनजाति से कोई संबंध नहीं रखती। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने फर्जी प्रमाण पत्र को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।इस मामले में नायब तहसीलदार द्वारा विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई, जिसमें 36 बिंदुओं पर जांच कर पुष्टि की गई कि राजू सोनारे ने प्रशासन को गुमराह कर गलत तरीके से यह प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
