Betul News:बैतूल में जनसेवा को नई पहचान दे रहे कलेक्टर और एसपी
बैतूल में जनसेवा को नई पहचान दे रहे कलेक्टर और एसपी।

बैतूल जिला प्रशासन के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक निश्चल एन झारिया ने अपनी तत्परता और जनसेवा के प्रति समर्पण से जिले में एक नई मिसाल कायम की है। जनता की समस्याओं को सुनने और तुरंत कार्रवाई करने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें जनता का प्रिय अधिकारी बना दिया है। चाहे वह अपराध से संबंधित मामला हो या सामान्य प्रशासनिक शिकायत, ये दोनों अधिकारी हर चुनौती का सामना दृढ़ता और संवेदनशीलता के साथ करते हैं, जिससे बैतूल की जनता को कभी निराशा का सामना नहीं करना पड़ता।रविवार के दिन मालामझिरी पंचायत क्षेत्र में लोगों के घरों में नाली का गंदा पानी घुस रहा था। इस समस्या ने स्थानीय निवासियों के लिए असहनीय स्थिति पैदा कर दी थी। कई बार सचिव और सरपंच को बोलने के बाद भी स्थित जैसे कि वैसे ही बनी हुई थी।

रविवार को जैसे ही कलेक्टर के संज्ञान में लाया गया, उन्होंने बिना देरी किए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर साहब ने संबंधित विभागों को तुरंत मौके पर पहुंचने और समस्या का समाधान करने का आदेश दिया।उनके निर्देश पर प्रशासनिक अमला और संबंधित कर्मचारी तुरंत हरकत में आए। नाली की सफाई और मरम्मत का कार्य तेजी से शुरू किया गया, जो देर रात तक चला। इस त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, प्रभावित क्षेत्र के लोगों को गंदे पानी की समस्या से निजात मिली। मोहल्ले के लोग खुशी से कह रहे हैं, बैतूल में कलेक्टर हो तो नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी जैसे वही अगर बात करे बैतूल जिले के पुलिस अधीक्षक की तो यह कहना उचित नहीं होगा कि अपराध और अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों ना हो, यदि आपके पास बेहतर प्लानिंग, सूचना तंत्र, त्वरित एक्शन लेनी की तैयार है तो फिर मान लीजिये कि ना तो अपराध होगा और यदि होगा भी तो अपराधी किसी भी सूरत में बच नहीं सकता। स्मार्ट पुलिसिंग से अपराधों पर कैसे शिकंजा कसा जा सकता है इसका बेहतरीन उदाहरण बैतूल एसपी निश्छल एन झारिया ने पेश किया है। जिलेभर में आउट ऑफ कंट्रोल हो चुके अपराधों को उन्होंने महज कुछ माह में ही काबू कर लिया। अपनी टीम और टीमवर्क को लेकर भी श्री झारिया काफी संतोषजनक दिखाई देते हैं, उन्होंने जिले में युवा और तेजतर्रार थाना प्रभारियों को कमान सौंपकर अपराधों के ग्राफ को कम करने में खासी भूमिका निभाई है, उनकी टीम भी उन्हें पूरा सपोर्ट करते हुए काम करती है।
वर्ष 2019 के मुकाबले तेजी से गिरा वर्ष 2025 में अपराधों का रिकार्ड

साइबर सेल के विशेषज्ञ बैतूल एसपी निश्छल एन झारिया के आने के बाद बेकाबू अपराध पर कंट्रोल करने लिए उन्होंने बाकायदा प्लानिंग की है। आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो वर्ष 2019 में जहां मर्डर के मालमे साल के शुरूआती तीन माह में 10 थे वे 2025 में 13 हो गए ये मर्डर आपसी रंजिश, लेनदेन जैसे संगीन मामलों के थे हालांकि मर्डर के मामले यहां 3 वर्ष 2019 से ज्यादा 2025 में मिले हैं। इघ इसी तिथि में हाफ मर्डर जाहं वर्ष 2019 में 8 थे वे वर्ष 2025 में घटकर 5 हो गए। इसी तरह रेप के मामले जो वर्ष 2019 में 24 थे वे वर्ष 2025 में 19 पर आ गए। किडनेपिंग के मामले वर्ष 2019 में 70 थे जो वर्ष 2025 में 55 पर आ गए। इसी तरह लूट के मामलों पर नजर दौड़ाई जाए तो वर्ष 2019 में 3 मामले थे जो वर्ष 2025 में भी स्थिर रहे। चोरी के मामलों में भी गिरावट आई है। वर्ष 2019 में 55 चोरियां हुई थी वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 43 पर आ गया है। तो इस तरह वर्ष 2025 में देखें तो वर्ष 2019 के मुकाबले अपराधों का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है और यह सब एक स्मार्ट पुलिसिंग प्लानिंग से ही संभव हो सकता था। पुलिस अधीक्षक निश्चल एन झारिया लोग खूब सराना कर रहे हैं।
