Criminal tendencies News:संस्कारों के अभाव में ही बच्चों के अंदर पनप रही आपराधिक प्रवृत्ति
संस्कारों के अभाव में ही बच्चों के अंदर पनप रही आपराधिक प्रवृत्ति
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बैतूल।बच्चों के अंदर संस्कार और नैतिकता की कमी है और वह अब अपनी जड़ों से ही उखड़ने लगे हैं। यही कारण है कि समाज में अपराध बढ़ने लगे हैं। जैसे एक बीमार रोगी को अधिक देखभाल की जरूरत होती है वैसे ही अब युवाओं को खास कर बचपन में ही बच्चों को अधिक देखभाल की जरूरत है। क्योंकि अब आज का युवा बीमार है। वह भौतिक वाद, दिखावे और शार्टकट से सफलता पाने की बीमारी से ग्रस्त है। इसलिए अब जरूरी है कि बच्चों की देखभाल की जाए। उन्हें संस्कार दिए जाएं और उनके स्कूल के पाठ्यक्रम में कानून की किताबें शामिल की जाएं। जबकि बच्चों को पता होगा कि उनके द्वारा किए गए अपराध का परिणाम क्या होगा, अपराध के परिणाम का डर होगा तभी वह अपराध करने से डरेंगे और कई बार सोचेंगे। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को अब नैतिकता के भी पाठ पढ़ाए जाएं।आज का युवा राजनैतिक रूप से गुमराह किया जा रहा है। अब उसमें ईगो अधिक बढ़ गया है। छोटी-छोटी बातों में वह अब मार-पीट पर आने लगा है। कारण, कि अब युवाओं के अंदर संस्कार खत्म होते जा रहे हैं। जरूरत है कि शुरू से ही बच्चों को संस्कार दिए जाएं और उनके स्कूल की किताबों में कानून के पाठ्यक्रम लागू किए जाएं ताकि उन्हें शुरू से ही यह पता हो कि अपराध करने पर उन्हें सजा मिलेगी और किस अपराध पर क्या सजा मिलेगी।लोगों ने अपनी जीवनशैली तो बदली है, साथ ही व्यवहार करने के तरीके और संस्कार भी बदल लिए हैं। युवा अब जड़ से उखड़ता जा रहा है यही कारण है कि अपराध में सबसे ज्यादा युवा ही सक्रिय हैं। लोगों में जागरूकता का अभाव है। यही कारण हैं कि अपराध बढ़ रहे हैं और अपराधियों के हौसले भी। कई बार पीड़ित को पता नहीं होता कि उसे कहां जाकर शिकायत करनी है। ऐसे में वह भटकता रहता है और अपराधी बच निकलते हैं।अपराध करने के लिए युवाओं की एक नई पौध तैयार हो रही है। ये युवा दिखावे के चक्कर में आ रहे हैं। यही कारण है कि परिवार से बातें छुपाते हैं और गलत संगत में पड़ते हैं। युवाओं द्वारा किए जाने वाले अपराध का मुख्य कारण नशा भी है। कुछ युवा शिक्षित नहीं होते हैं, यही कारण है कि नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं और फिर नशे की पूर्ति के लिए अपराध को अंजाम देते हैं।
