Betul News:उसरपंच चाय के नाम पर शुरू हुए इनोवेटिव बिज़नस पर न लगाएं धब्बा, नही तो बंद हो जाएंगे
पूरे शहर में फेल रहा चाय सुट्टा का कारोबार, कोई नियम क़ायदे लागू नही
उसरपंच चाय के नाम पर शुरू हुए इनोवेटिव बिज़नस पर न लगाएं धब्बा, नही तो बंद हो जाएंगे बार’ से चले घर-बार, बंद हो व्यभिचार
पूरे शहर में फेल रहा चाय सुट्टा का कारोबार, कोई नियम क़ायदे लागू नही

बैतूल चंद अतिरिक्त पैसों के लिए कुछ लोग एक ऐसे बिजनेस को दांव पर लगा रहे हैं, जो अभी ताजा ताजा ही चलन में आया हैं औऱ कई युवाओं को रोजगार दे रहा हैं। ये है शहर और खासकर ‘एजुकेशन हब’ वाले इलाक़े में तमीज़ से धूम्रपान करने के लिए बने चाय सुट्टा । वैसे भी सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है। लिहाजा इनका उपयोग व चलन शहर में तेजी से बढ़ा हैं। युवतियां भी इसमें शामिल है क्योंकि अब बैतूल में लड़कियों का सिगरेट पीना आम हो चला है। खासकर उन इलाकों में जो एजुकेशन हब के नाम पर ‘ नया बैतूल बन गए। लेकिन चाय सुट्टा की आड़ में अय्याशी के केबिन देने का चलन क्या इस बिजनेस को शहर में बने रहने देगा? इस सवाल पर चिंतन मंथन वे युवा करे जो एक अच्छी मंशा से इस इनोवेटिव बिजनेस में शामिल हुए। अगर वक्त रहते इस पर विचार नही किया तो इस धंधे को दागदार होते देर नही लगेगी और किसी भी दिन एक बड़ा कला धब्बा बिजनेस ही नही, बैतूल के माथे लग जायेगा। चाय-सुट्टा । ये बिजनेस का नया आयडिया हैं। यूथ के रोजगार का तेजी से जरिया भी बन रहा हैं। लेकिन इन सुट्टा बार की आड़ में अय्याशी के अड्डे, केबिन बनाने वालों ने इस नए बिजनेस को दागदार बना दिया। प्राइवेसी के नाम पर ये बार, व्यभिचार के अड्डे बनते जा रहें हैं। ये अराजकता सिर्फ लिंक रोड़ क्षेत्र में ही नही, पूरे शहर में तेजी से फैली और फेल रही हैं। अनोखा न्यूज़ पोर्टल ने बाद दिनभर अलग अलग इलाकों से रहवासियों ने इस संबंध में फोन लगाकर अपनी पीड़ा ज़ाहिर की। अनोखा सच नही चाहता कि रोजगार का ये नया माध्यम बन्द हो। बस बैतूल का होने के नाते ये ही मंशा है कि चाय सुट्टा बार से घर-बार चले, व्यभिचार न बड़े। इस बिजनेस में शामिल अच्छे लोगो को इस मामले में आगे आना होगा ताकि इस नवप्रयोग व्यापार पर कोई काला दाग न लगे। पुलिस के भरोसे न रहें। वह सब जानकर अंजान बनती हैं, क्योकि उसकी ऐसे अराजक तत्वों से “अच्छी बनती” हैं। लगातार दो दिन के खुलासे के बाद शहर के अलग अलग क्षेत्रो से चाय सुट्टा बार के नाम पर युवाओं की अराजकता की सामने आ रही हैं। नाबालिक बच्चे चाय की दुकान पर सिगरेट पीते देखे जा सकते है।न केवल लिंक रोड स्कूल कॉलेज क्षेत्र, बल्कि जहां जहां स्कूल, कालेज व कोचिंग इंस्टीट्यूट की भरमार हैं, वहां वहां ये चाय सुट्टा बार हैं। सभी बार वाले, गाड़ाघाट क्षेत्र के बार वालो जैसे प्राइवेट केबिन तो उपलब्ध नही करा रहे लेकिन इन चाय सुट्टा के कारण इलाके का माहौल जरूर खराब कर रहें हैं। अधिकांश बार मद्धम रोशनी से ही लैस हैं। इन बार मे आने वाले युवा-युवतियों की हरकतों से आमजन व इलाक़े के लोग बेहद परेशान हो चले हैं। रहवासियों का कहना है कि शिकायत के बाद भी समस्या का कोई हल नही। लिंक रोड ये पूरा इलाका कोचिंग संस्थानों का गढ़ हैं। आये दिन सुट्टा बार के बाहर हो रही हुड़दंग। पुलिस प्रशासन को जिले में चल चाय सुट्टा पर नकल कसनी चाहिए।
