Crime News:बैल खरीदकर लौट रहे दो आदिवासी ग्रामीणों से मारपीट मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार।
बैल खरीदकर लौट रहे दो आदिवासी ग्रामीणों से मारपीट मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार।

बैतूल। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ हिंसा जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बैतूल पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बैल खरीदकर अपने गांव लौट रहे दो ग्रामीणों के साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 को खेड़ी-सांवलीगढ़ मार्ग पर कनारा निवासी टंटू पिता बिरजू नवरे एवं सिमोरी निवासी सुगना धुर्वे बैल खरीदकर पैदल अपने गांव जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में दोनों ग्रामीणों को चोटें आईं। वहीं बीच-बचाव करने पहुंचे रोशन राठौर के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की।घटना की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा। पीड़ितों की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 454/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए और तीन विशेष टीमों का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी तथा एसडीओपी सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 जून 2026 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी हैं
अंस तायवाड़े, निवासी रामनगर
राहुल जोशी, निवासी खेड़ी सांवलीगढ़
नवीन गिरि, निवासी खेड़ी सांवलीगढ़
कुणाल पाटिल, निवासी सदर बैतूल
ललित यादव, निवासी कोदारोटी
पुलिस के अनुसार प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई में निरीक्षक देवकरण डहेरिया, उपनिरीक्षक राकेश सरयाम (चौकी खेड़ी), प्रधान आरक्षक अजय एवं नानकराम तथा आरक्षक उज्ज्वल दुबे, कमलेश पाल और सोनू सूर्यवंशी की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति, वाहन या गतिविधि के संबंध में केवल संदेह अथवा अफवाह के आधार पर कानून अपने हाथ में न लें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना, डायल-112 या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। बिना तथ्य जाने किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करना स्वयं एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा जिले में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
