Betul News:सोना चांदी यूं ही बदनाम बैतूल में तो शराब के रेट तोड़ रहे रिकॉर्ड!
सोना चांदी यूं ही बदनाम बैतूल में तो शराब के रेट तोड़ रहे रिकॉर्ड!

सोना चांदी यू ही बदनाम है बैतूल में जिस तरह से शराब के रेट बड़े हैं उसके आगे सोना चांदी का दाम भी कुछ नहीं रसूक ठेकेदार के आगे अधिकारी भी भर रहे पानी या यूं कहे सोने के दाम ने रिकॉर्ड बना दिया है एक लाख तोला तक पहुंच गया यह दाम भले ही लोगों को परेशान करे लेकिन बैतूल का शराब कारोबार भी पीछे नहीं है पिछले कई वर्षों से बैतूल में शराब का कारोबार दिन दुगनी रात चौगुनी तेजी से बढ़ रहा है कई सालों पहले जहां शराब का कारोबार सिर्फ महज लाखों में होता था आज 256 करोड़ तक पहुंच गया है बैतूल में बढ़ते शराब कारोबार में सब की नींदें उड़ा दी जिसमें नेता से लेकर राजनेता तक कूद पड़े हैं इसकी कमाई सभी को आकर्षित कर रही है एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में शराबबंदी की मांग उठ रही है तो वही बैतूल में तेजी से शराब कारोबार बढ़ रहा है शराब का कारोबार हर साल रोज बढ़ रहा है सरकार 15 से 20 फ़ीसदी ठेके के आरक्षक मूल्य में वृद्धि कर रही है इसके बाद भी ठेकेदार से इससे कई अधिक में शराब दुकान हंसते-हंसते ले रहे हैं पिछले कई सालों से बैतूल के आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो बैतूल में शराब ठेकेदार की कमाई के साथ-साथ आंकड़ों और सरकार की कमाई पर गौर करेंगे तो यह शराब कारोबार आपको हैरान कर देगा। 2024 25 में बैतूल जिले भर की शराब दुकानों का ठेका लगभग 252 करोड़ का हुआ था वही इस बार जिले भर का यह कारोबार 256 करोड़ का पहुंच गया इससे शराब कारोबार में मुनाफे का अंदाजा लगाया जा सकता है । भले ही इन शराब दुकानों का लाइसेंस महंगा हुआ हो लेकिन शराब पीने वालों में कमी नहीं है शराब की कीमतें बड़ी लेकिन पीने वाले कम नहीं हुए इस कारोबार ने सरकार को मालामाल कर दिया है वहीं सरकार के साथ-साथ ठेकेदार भी तेजी से मालामाल हो रहा है इसलिए तो बैतूल शहर में ग्रामीण अंचलों में महंगी बिकती शराब जो दर्शाता है कि सोने से भी तेज शराब के रेट है। जहा एक बियर का रेट एमआरपी में 160 वही एमएसपी 135 रुपए है उसके बाजूद 200 रुपए तक बेच रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारी के कानों में जू तक नहीं पहुंच रही है शहर में एमआरपी और एमएसपी रेट से ज्यादा रेट लिया जा रहा है। रोज शिकायतें होने के बाद भी अधिकारियों द्वारा कोई भी कारवाई नहीं की जा रही! या यूं कहे अंधेरी नगरी चौपट राजा जैसी कहानी चल रही है। क्योंकि ना तो शराब के बढ़ते हुए रेट पर कुछ हो रहा है नाही राजेंद्र वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र के पास से शराब दुकान हट रही है!
