Patwaris are having:मुलताई क्षेत्र में पटवारियों की बल्ले बल्ले कोई गरीबों से ले रहा पैसे, तो कोई कंपनियों का बना एजेंट।
मुलताई क्षेत्र में पटवारियों की बल्ले बल्ले कोई गरीबों से ले रहा पैसे, तो कोई कंपनियों का बना एजेंट।
पांच सौ से पचास हजार तक लेने से नहीं खा रहे खौफ, खुले आम चल रहा खेल

मुलताई। अनुविभाग क्षेत्र में इन दिनों जमकर पटवारीयों की बल्ले बल्ले हो रही है, ये हजारों लाखों के बारे न्यारे चुटकियों में कर रहे हैं। शुक्रवार ग्राम नरखेड के एक पटवारी राजेश सलामे का एक किसान से ढाबे पर पैसे लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के पास मौजूद और भी वीडियो सामने आ रहे हैं। जिसमें पटवारीयो की गतिविधियां संबंधित नजर आ रही है। हालांकि इन वीडियो में लेनदेन होता हुआ तो नहीं दिखाई दिया, लेकिन कंपनियों के अधिकारियों के साथ बार-बार मुलाकात होते हुए जरूर दिखाई दे रही है। अब यह जन चर्चा का विषय बना हुआ है कि कोई गरीब किसानों से पैसे ले रहा है, तो कोई कंपनियों का एजेंट बनकर मोटी कमाई कर रहा है। ₹500 से लेकर ₹50000 तक लेने की चर्चा चौक चौराहों पर जमकर हो रही है। कुछ ने तो बकायदा अपने मुनीम और असिस्टेंट इस काम के लिए रखे हुए है। आम लोग यह भी कहना हैं कि राजस्व विभाग ने अन्य विभाग को भी पीछे छोड़ते हुए सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां पर हर काम के दाम फिक्स हो चुके हैं। बीते दिनों मुलताई प्रभात पट्टन क्षेत्र में बड़े स्तर पर हुई पटवारी की अदला-बदली के बाद अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब यह खेल खत्म हो जाएगा। लेकिन अभी तक भी यह खेल खत्म होते नजर नहीं आ रहा है। कई साल से एक ही जगह पर जमे पटवारीयों ने अपने आसपास की जगह पर ही ट्रांसफर लेकर वहीं से लेनदेन का खेल शुरू कर दिया है।
डहरगांव क्षेत्र में चल रही एजिस बेरी कंपनी द्वारा सैकड़ो एकड़ में की जा रही ब्लूबेरी की खेती और लगातार की जा रही जमीनों की खरीद फरोख्त के पीछे भी जमकर लेनदेन होने की चर्चाएं आम हो चुकी है। लोगो का कहना है कि जमीन समतलीकरण की अनुमति के लिए अधिकारियो के नाम पर लाखों रुपए की डिमांड कर हजारों रूपए ले लिए गए। जिसकी अधिकारियो को भनक तक नहीं है। हालांकि अगर इन पटवारियों और उनके साथ रहने वाले मुनिमो के खातों और संपत्ति की जानकारी के साथ साथ काल डिटेल निकाली जाए तो सब साफ हो जाएगा।
पंचायत द्वारा बनाए गए स्टॉप डैम हुए गायब, समतलीकरण के नाम पर जमकर हो रहा अवैध उत्खनन।
ब्लूबेरी की खेती करने के लिए सेड बनाने हेतु जमकर अवैध उत्खनन भी किया गया है। यहां तक की पंचायत द्वारा बनाए गए स्टॉप डेमो को भी खत्म किया जा चुका है। जिसकी ना कोई शिकायत सामने आई है, ना ही पंचायत ने कोई कार्यवाही की है। वहीं बीते दिनों बिना डायवर्सन के कोल्ड स्टोरेज और पेकिंग एरिया बनाए जाने पर तहसीलदार द्वारा कार्यवाही की गई थी।
