Betul News:जनता की सेवा नहीं, अब फोटो सेवा ही राजनीति का असली एजेंडा!

जनप्रतिनिधि गड्ढों में गुम, जनता और पुलिस ने निकाला रास्ता।

जनता की सेवा नहीं, अब फोटो सेवा ही राजनीति का असली एजेंडा!

जनप्रतिनिधि गड्ढों में गुम, जनता और पुलिस ने निकाला रास्ता।

बैतूल कभी राजनीति का मतलब होता था जनता की समस्याओं को सुनना, उन्हें हल करना और विकास की राह बनाना। मगर अब ज़माना बदल चुका है अब राजनीति का मतलब है फोटो सेवा!जनता की गली-मोहल्लों में टूटी सड़कें हों या स्कूलों में शिक्षक न हों या अस्पतालों में दवाई इनसे नेताओं को क्या? उनके लिए असली काम है किसी कार्यक्रम में पहुँचकर रिबन काटना, आयोजकों के संग मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाना और फिर सोशल मीडिया पर झोंक देना जनसेवा” का ढोंग तैयार! भाषण भी ऐसे कि सुनते-सुनते जनता को लगे मानो कल ही बैतूल सिंगापुर बन जाएगा। लेकिन अफ़सोस, ये बातें सिर्फ़ माइक और मंच तक सीमित हैं। जमीनी सच्चाई यही है कि जनता के सवाल ठंडे बस्ते में पड़े हैं और राजनीति का सारा जोश कैमरे की फ्लैश लाइट में चमक रहा है।भाजपा की प्रदेश और देश की सरकार में बैतूल जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों को कुछ तो शर्म अब कर ही लेना चाहिए क्योंकि विगत तीन दिनों बैतूल से प्रदेश की राजधानी भोपाल को जोड़ने वाला बरेठा बाधित है। यह हालात इस जिले की जनता पिछले कई सालों से झेलती आ रही है लेकिन हमारे जनप्रतिनिधियों को जरा भी शर्म नहीं आती है। बैठकों में बड़ी-बड़ी डींगे हांककर जनता को सब्जबाग दिखाए जाते हैं और दिखावे के निर्देश अफसरों को दिए जाते हैं। अफसर भी जिले के माननीयों का नेचर और कल्चर समझ चुके हैं वे भी आश्वासन पर आश्वासन पेलते रहते हैं और नतीजा सिफर रहता है। पिछले दिनों भी कलेक्टर और एनएच के अफसरों के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री सहित पांचों विधायकों की बैठक हुई थी और लंबे-चौड़े वायदे किए गए थे। 15 सितम्बर के बाद से सड़क की मरम्मत और बरेठा घाट में सुधार की बात कही गई थी लेकिन आज 29 सितम्बर है और ना तो एनएच के अफसरों की वकिंग का कोई पता-ठिकाना है और ना ही माननीयों को फीडबैक लेने की चिंता है। शर्म की बात तो यह है कि जिले के माननीय भी बरेठा से घोड़ाडोंगरी-रानीपुर होते हुए बैतूल पहुंच रहे हैं लेकिन मुंह में दही जमा हुआ है। सड़क के मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं निकल रहा है।जिले के माननीयों को रविवार को प्रसारित होने वाली मन की बात सुनने की बहुत चिंता रहती है।

इसके लिए बकायदा सोशल मीडिया पर बताया जाता है कि फलाने नेताजी, फलाने बूथ पर मन की बात सुनेंगे। मन की बात सुनने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर भी हजारों रुपए फूंक दिए जाते हैं लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि को जनता की बात सुनने की फुर्सत नहीं है।बैतूल जिले की जनता सड़कों की बदहाली से परेशान है, लेकिन नेताजी मन की बात सुनने में व्यस्त है कल से सोशल मीडिया पर पुलिस और जनता द्वारा जो बरेटा घाट पर काम किया गया उसकी लोगों द्वारा सराहना की जा रही है तो वही नेताओं को वह तस्वीर मुंह चिड़ा रही है जो काम नेताओं को करवाने चाहिए वह खाकी और आम जनता कर रही है।

शाहपुर थाना क्षेत्र के बरेठा घाट मंदिर के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे महीनों से जनता के लिए सिरदर्द बने हुए थे। भारी वाहनों का निकलना मुश्किल, ट्रक–बसों के एक्सल टूटना आम बात और आए दिन जाम से लोग घंटों फँस जाते थे। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि जिन जनप्रतिनिधियों और विभागों की जिम्मेदारी थी, उन्होंने आँख मूँद ली। आख़िरकार पहल की शाहपुर पुलिस ने और साथ दिया स्थानीय निवासियों ने। पत्थर डालकर गड्ढों को भरा गया और देखते ही देखते रास्ता दुरुस्त हो गया। जिस सड़क पर दो दिनों से गाड़ियों के पहिया थमे थे आज देर शाम, वहीं अब ट्रैफिक बिना रुकावट चल रहा है।

 

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