Betul News:जनरल स्टोर्स पर सामान्य दवाइयां बेचने का विरोध

औषधि विक्रेताओं ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर नाराजगी जताई

जनरल स्टोर्स पर सामान्य दवाइयां बेचने का विरोध
औषधि विक्रेताओं ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर नाराजगी जताई
बैतूल। देश की अन्य जगह के साथ बैतूल में जनरल और प्रोविजन स्टोर्स पर शीघ्र ही सर्दी-खांसी, गैस, बुखार एवं अन्य कुछ बीमारियों की दवाइयां मिलने लगेगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए इस वर्ष की शुरुआत में विशेषज्ञों की एक समिति बनाई थी, जो ओवर-द-काउंटर दवा नीति बनाने पर विचार कर रही है। सरकार के इस प्रस्ताव पर बैतूल के औषधि विक्रेताओं ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए इसके दुष्परिणामों को लेकर एक प्रेस नोट भी जारी किया है।
    जिला औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मनजीत सिंह साहनी और सचिव सुनील सलूजा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि आल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स ने देश में बिना लाइसेंस के ओटीसी दवाओं की बिक्री की अनुमति देने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर गहरी ङ्क्षचता व्यक्त की है। जारी विज्ञप्ति में बताया कि देश के स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव, भारत के औषधि महानियंत्रक, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण के अध्यक्ष और अन्य संबंधित अधिकारियों को पिछले दिनों सौंपे गए ज्ञापन में एआईओसीडी ने इस प्रस्ताव से जुड़े जोखिमों पर प्रकाश डाला है। श्री साहनी और सलूजा ने बताया कि संगठन के अध्यक्ष जेएस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने भी इस बात पर जोर दिया कि इस तरह का कदम मौजूदा दवा कानूनों-फार्मेसी विनियमों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों सहित प्रासंगिक कानूनी ढांचे का उल्लंघन करेगा। जारी बयान औषधि विक्रेता संघ के दो प्रमुख पदाधिकारियों ने बताया कि ओटीसी दवा बिक्री की अनुमति देने से गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। इनमें खतरनाक स्वचिकित्सा और नशीली दवाओं का दुरुपयोग, फार्मासिस्ट परामर्श सेवाओं का अभाव, प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं का बढ़ता जोखिम, नकली दवाओं का प्रसार, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में देरी, दवा की अधिक मात्रा से बीमारियों की अधिक घटनाएं, दवा भंडारण के मानकों से समझौता और अपर्याप्त फार्माकोविलिजेंस उपाए आदि शामिल हैं।
ऐसे निर्णय का देश में होगा विरोध
जिला औषधि संघ के अध्यक्ष साहनी और सचिव सलूजा ने बताया कि किराना और प्रोविजन स्टोर्स पर दवाइयां बिकने से सभी खतरे और चैलेंज भी जनता के लिए होंगे। एआईओसीडी की ओर से इस प्रस्ताव के बहुआयामी निहितार्थो पर विचार करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने मांग की है कि सामान्य किरानों की दुकानों में दवाओं की अनियमित उपलब्धता समाज के सर्वोत्तम हितों की पूर्ति नहीं करती है। ऐसे में देश भर के 12.40 लाख कैमिस्टों की सदस्यता के साथ एआईओसीडी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की अखंडता को कमजोर करने वाले किसी भी उपायों का दृढ़ता से विरोध करेगा।
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