Betul breking:न्यायिक फटकार के बाद सामने आई सारनी पुलिस की गलती
न्यायिक फटकार के बाद सामने आई सारनी पुलिस की गलती
आम आदमी पार्टी के नेता के खिलाफ विधि विरुद्ध दर्ज किया था मामला

बैतूल। न्यायालय ने आम आदमी पार्टी के नेता मनोहर पचोरिया के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बिना इन्वेस्टिगेशन के मामले की तटस्थता करते हुए सारनी पुलिस को फटकार लगाई। इस मामले में न्यायालय ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की भी हिदायत दी।आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य, लोकसभा प्रमुख बैतूल अजय सोनी ने बताया कि पुलिस ने बिना किसी ठोस सबूत के आम आदमी पार्टी के नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद, न्यायालय ने मामले की समीक्षा की और पुलिस को फटकारते हुए उन्हें भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए सावधान रहने की सलाह दी।
यह है पूरा मामला
अजय सोनी ने बताया कि सारनी में सामाजिक सोशल मीडिया के व्हाट्सअप ग्रुप में किसी व्यक्ति के द्वारा की गई टिपण्णी पर मनोहर पचोरिया ने अपने व्यक्तिगत विचार गूगल टाइप किए। उसके बाद कोई टिप्पणी दर्ज नहीं कराई पर साजिश के तहत बीजेपी के कुछ सदस्यों के आवेदन पर टिपण्णी का स्क्रीन शॉट के माध्यम से ही तत्काल आनन फानन में थाना प्रभारी सारनी अरविंद कुमरे के द्वारा सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं के दबाव में एक साधारण सी टिप्पणी पर ही आईपीसी की धारा 505/2 धारा 188 के तहत जो कि जमानती धारा भी हैं, थाना में ही मुचलके पर जमानत देने का विधि में प्रावधान भी है, लेकिन साधारण सी एक टिपण्णी जिसमें गूगल वाइस टाइपिंग के शब्द के गलत उच्चारण से टिपण्णी का उद्देश्य भी गलत समझ लिया गया और बिना विधिवत पूछताछ के एफआईआर दर्ज कर दी गई।
स्वयं थाने पहुंचे थे आप नेता
9 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के नेता मनोहर पचोरिया स्वयं थाना सारनी में थाना प्रभारी अरविंद कुमरे के समक्ष प्रस्तुत हुए और स्थानीय स्तर पर ही साधारण टिप्पणी पर लगाई गई धारा की मौखिक रूप से आपत्ति भी दर्ज कराई। उक्त धारा पर जमानत देने की अपील की गई, लेकिन थाना प्रभारी ने जिला न्यायालय में पेश होने का हवाला दिया। मनोहर पचोरिया द्वारा कानून का सम्मान करते हुए रात्रि कालीन सारनी थाना में ही अरेस्टिंग देकर 10 अप्रैल को जिला न्यायालय में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में प्रस्तुत हुए। न्यायालय ने उन्हें तत्काल उक्त मामले में जमानत दे दी और पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि इस विषय पर मामला कैसे पंजीबद्ध कर दिया। जमानत की सुनवाई के बाद पुलिस को फटकार लगाते हुए चेतावनी भी दी है कि भविष्य में इस प्रकार के मामले पंजीबद्ध ना करें। पुलिस ने जिस धारा में मामला दर्ज किया है वह अभियुक्त पर लागू नही होते हैं।अधियुक्त पर प्रथम दृश्या में मामला ही नही बनता है।
प्रेस विज्ञप्ति में जारी किए गलत कथन
अजय सोनी ने बताया कि पुलिस प्रशासन सारनी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि उन्हें गिरफ्तार कर जिला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया लेकिन ये कथन पूर्णतः गलत है, क्योंकि आप नेता मनोहर पचोरिया स्वयं सारनी थाना में प्रस्तुत हुए थे, अभी लगातार 3 दिनों से सोशल मीडिया में बीजेपी के कुछ नेताओं द्वारा मनोहर पचोरिया की छवि को धूमिल करने के लिए प्रायोजित रूप से उनकी पुलिस प्रशासन के साथ खुली तस्वीर का प्रकाशन कर मनोहर पचोरिया को खुलेआम अपमानित करने का कार्य कर रहे हैं। मनोहर पचोरिया एक हिंदूवादी विचार धारा के सामाजिक कार्यकर्ता भी है। इस प्रकार बीजेपी नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर फोटो का प्रसारण करना संकीर्ण मानसिकता का भी परिचय है। ऐसी हरकत से मनोहर पचोरिया बहुत आहत हैं। उनका मानना है कि देश में अपनी बात रखना भी आज शायद एक गुनाह और राष्ट्रद्रोह जैसा हो गया हैं, वें शायद गलती से गूगल वाइस टाइपिंग की बात पुलिस प्रशासन से पूछताछ में स्वीकार कर सकते थे, पर बिना पूछताछ के सत्ता पक्ष के दबाव में आकर सीधे एफआईआर दर्ज करना शायद स्थानीय पुलिस प्रशासन पर निसंदेह एक बड़ा गंभीर सवाल पैदा करता हैं। जिला न्यायालय की कार्यवाही अब विचाराधीन हैं आगामी दिनों में न्यायलय की कार्यवाही में मनोहर पचोरिया अपने वकील के माध्यम से थाना प्रभारी द्वारा की गई अनुचित कार्यवाही से को लेकर अपनी प्रतिक्रिया न्यायालय के समक्ष रखेंगे। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अलोकतांत्रिक रूप से स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यवाही और समाचार पत्रों में दर्शाई गई गिरफ्तारी पर आक्रोश जाहिर किया। जिला कार्यालय में मनोहर पचोरिया को पुष्प गुच्छ पहनाकर स्वागत किया गया।
