Betul News:महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय का एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण।
महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय का एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण।

बैतूल। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में कार्यालयों की कार्यप्रणाली एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए जारी साप्ताहिक निरीक्षण रोस्टर के तहत सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल डॉ. अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयीन व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति, अभिलेखों के संधारण तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया गया निरीक्षण के समय महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (ग्रामीण) कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। इस पर एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए कार्यालयीन अनुशासन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों में निर्धारित समय पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति शासन की योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक है। एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने निरीक्षण के दौरान विभिन्न अभिलेखों एवं रजिस्टरों की जांच करते हुए उनके व्यवस्थित संधारण पर जोर दिया। साथ ही लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और सभी प्रकरणों का त्वरित एवं पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित किया जाए।एसडीएम ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग एवं फील्ड स्तर पर सतत निगरानी बनाए रखने पर विशेष बल दिया गयाबनिरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों तथा विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। डॉ. सिंह ने कहा कि बच्चों एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर निर्धारित सेवाएं गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जाए।निरीक्षण के अंत में एसडीएम ने कार्यालयीन कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
