Betul News:बैतूल में गंज मंडल अध्यक्ष पर गौवंश तस्करी को संरक्षण देने का सनसनीखेज आरोप
बैतूल में गंज मंडल अध्यक्ष पर गौवंश तस्करी को संरक्षण देने का सनसनीखेज आरोप

बैतूल जिले में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सनातन धर्म सेवा समिति और पूर्व युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष भवानी गावंडे ने अपनी ही पार्टी के गंज मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा पर गौवंश तस्करों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस आरोप ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों के बीच भी आक्रोश पैदा कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि मंडल अध्यक्ष न सिर्फ तस्करों की गतिविधियों से वाकिफ हैं, बल्कि उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता भी दे रहे हैं।भवानी गावंडे ने खुलासा किया कि ललिता बरैया और उसका भाई सिद्दू बरैया माचना ब्रिज के पास राजश्री ढाबा चलाते थे, जो सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। वही भवानी गावंडे ने फोर लाइन पर स्थित राजा ढाबे को न केवल अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार का अड्डा बताया बल्कि गौवंश तस्करों से वसूली का केंद्र भी बताया है प्रशासन ने इस ढाबे को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद इन लोगों ने बार-बार उस जगह पर कब्जा करने की कोशिश की।गौवंश तस्करी और अवैध धंधों का जाल गावंडे के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से बैतूल जिले में अवैध कब्जा, सूदखोरी, अड़ीबाजी और गौवंश तस्करी जैसे संगीन अपराधों में लिप्त है। सिद्धू और ललिता बरैया पर बडोरा पंचायत और नगरपालिका क्षेत्र में कई सरकारी जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बेचने का आरोप है। सूर्यवंशी ढोलेवार समाज मंगल भवन के पास और इंदिरा कॉलोनी में भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर उसकी बिक्री की गई। पुलिस ने कोपूर्व कार्रवाई में इनके घरों से 113 गौवंश बरामद किए गए थे, जो इस गिरोह की तस्करी में संलिप्तता को उजागर करता है। इसके अलावा, इनके सहयोगी अनिल बरैया पर ट्रक से जानलेवा हमला करने का भी आरोप है। इन सभी के खिलाफ गौवंश तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के कई मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक संरक्षण का खेल

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि इस गिरोह को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। गंज मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा के साथ-साथ दीपक मालवीय, पवन मालवी और अन्य लोगों को भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है। सनातन धर्म सेवा समिति ने प्रशासन से मांग की है कि न सिर्फ अपराधियों के खिलाफ, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो। समिति का कहना है कि हाल ही में सामने आए एक अंधे कत्ल के तार भी इस गिरोह के अवैध लेनदेन से जुड़े हो सकते हैं।संपत्ति जांच और कार्रवाई की मांगसमिति ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि इस गिरोह और इसके संरक्षकों की पूर्व और वर्तमान संपत्ति की जांच की जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती
