Betul News:साहब कहर बनकर टूट पड़ो इन नशेबाजों के सौदा गरोपर’

गोगो में गांजा भरकर छोटी उम्र के बच्चे भी उड़ा रहे है धुएं का छल्ला

साहब कहर बनकर टूट पड़ो इन नशेबाजों’

गोगोमें गांजा भरकर छोटी उम्र के बच्चे भी उड़ा रहे है धुएं का छल्ला

बैतूल। बैतूल में अपराध को रोकने में पुलिस बखूबी कार्य कर रही है तो वही अब पुलिस को उन अपराधियों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो शहर मे अवैध रूप से गाजा बेच रहे हैं। वैसे तो पुलिस द्वारा शहर मे गाजा बेचने वाले एक महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है लेकिन अभी उसका मुख्य सरगना जो फरार चल रहा है उस आरोपी को कब गिरफ्तार किया जायगा वही सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार शहर मे उसके बावजूद अवैध रूप से गाजा बखूबी उपलब्ध हो जा रहा है जिसकी कीमत 50 ग्राम की 600 से ₹700 बताई जा रही है यह आसानी से उपलब्ध हो रहा है तो वही गांजे को पीने के लिए जो पान ठेलो पर गोगो मिल रही है साहब उन पर भी थोड़ी कार्रवाई कर दे ताकि जो नाबालिक बच्चे गोगो खरीद कर नशे कर रहे है जिनका भविष्य खतरे में है वहीं अब बैतूल जिले के कप्तान साहब को. कहर बनकर टूटना पड़ेगा इन नशेबाजों के सौदा गरो पर वही हम इस खबर के माध्यम से उन पेरेंट्स और रिश्तेदारों को भी सावधान करना चाहेंगे जिनके बच्चे गलत संगति में पड़कर इस तरह के नशीले पदार्थ का उपयोग कर रहे तो आप भी सावधान हो जाइए यदि आपके भी घर में आपका कोई अपना या परिचित या रिश्तेदार का पुत्र, भाई या उसके घर का कोई अन्य सदस्य परिवार से अलग रहते हुए खुद की मस्ती में ही रहने लगा है, या फिर उसने अपने स्वभाव को बदल लिया है। वह आप से या किसी और से झूठ बोलता है, रूपए उधार लेता है, चोरी करता है या फिर कालोनी में होने वाले अपराधों में हिस्सेदारी करता है तो आपको जरूर सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि आपके भी घर में नशे की लत ने दस्तक कैप्टन गोगो के रूप में दे दी है। मामूली सा दिखने वाला कागज कैप्टन गोगो आजकल नशेडिय़ों की पहली पसंद बन चुका है। इसे हम आधुनिक चिलम के नाम से भी पुकारे तो कोई अतिशियोक्ति नहीं होगी, क्योंकि इस पेपर में ही शहर के युवा अब गांजा भरकर पी रहे हैं। पुरे जिले भर में बेखौफ बिकने वाले इस साधारण से कागज को युवा पीढ़ी खुलेआम खरीद रही है। कैप्टन गोगो यानी खाली सिगरेट में शहर के युवा गांजा मिलाकर पी रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई रासायनिक पदार्थो से बने गोगो पेपर से यह नशा दोगुना हो जाता है। स्वस्थ के लिए हानिकारक माने जाने वाला यह पेपर आसानी से शहर की हर छोटी से बड़ी पान की दुकान जो स्कूल-कॉलेजों से लेकर पुलिस थानों के पास भी स्थित है वहां भी मिल जाता है।

दो से पांच रुपए में मिल रहा है सिगरेट का खोखा

साधारण सा दिखने वाला आकर्षक पैकिंग में मौजूद यह कागज केवल दो से पांच रुपए पान वालों को मुहैया हो रहा है और यह लोग इसे आसानी से नशेडिय़ों और युवाओं को 10 से 15 रूपए में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे है। दुकानदारों को इसे बेचने में किसी प्रकार की कोई कानुनी कार्रवाई का भी भय नहीं होता है, क्योंकि इसमें ना तो किसी प्रकार का मादक पदार्थ भरा होता है और ना ही कोई तंबाकू।

धुएं के दिवाने ऐसे करते हैं इस पेपर का उपयोग

सफेद, भूरे या अन्य रंग के बारीक कागज के अंदरूनी सिरे पर गोंद की परत रहती है जो इस हिस्से को लेमिनेशन जैसा कर देती है। साथ में एक मोटे कागज का टुकड़ा दिया जाता है। पतले कागज को रोल कर नीचे मोटा कागज जोड़ दिया जाता है। इसमें पहले से मौजूद गोंद की वजह से दोनों हिस्से चिपक जाते हैं। नीचे वाला मोटा कागज फिल्टर और धुआं खींचने के नोजल की तरह काम करता है, जबकि ऊपर का हिस्सा खाली सिगरेट की तरह। पहले अलग-अलग कागज दिए जा रहे थे, मगर आजकल बनी हुई कागज की खाली सिगरेट मिल रही है। कागज की खाली सिगरेटों का उपयोग बड़े पैमाने पर पब, डिस्कोथेक व थीम पार्टियों में भी किया जा रहा है। कागज की तरह दिखने से चोरी छिपे नशा करने वाले भी इसका उपयोग कर रहे है जिसमें लड़कियां भी बड़ी संख्या में शामिल है।

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