Polise News:महिला इंस्पेक्टर को पीटती रही प्रेमी इंस्पेक्टर की पत्नी, वीडियो बनाते रहे पुलिसकर्मी

महिला इंस्पेक्टर को पीटती रही प्रेमी इंस्पेक्टर की पत्नी, वीडियो बनाते रहे पुलिसकर्मी

आगरा में रकाबगंज महिला थाने की इंस्पेक्टर और उनके प्रेमी इंस्पेक्टर पवन नागर के साथ हुई मारपीट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। DCP ने 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया जबकि 2 दरोगा समेत 5 पुलिस वालों को लाइन हाजिर किया। उत्तर प्रदेश के आगरा में एक अनोखी और विवादास्पद घटना सामने आई है, जहां एक महिला इंस्पेक्टर और उनके प्रेमी, जो खुद भी इंस्पेक्टर हैं, को प्यार करना महंगा पड़ गया। यह घटना तब शुरू हुई जब इंस्पेक्टर शैली राणा अपने प्रेमी, इंस्पेक्टर पवन कुमार, के साथ अपने सरकारी आवास में थीं और उनकी इस मुलाकात की भनक पवन कुमार के परिवारवालों को लग गई।

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प्रेमी जोड़े की कहानी
शैली राणा और पवन कुमार की प्रेम कहानी नोएडा से शुरू हुई थी, जहां दोनों तैनात थे। उनके बीच का प्यार ऐसा था कि स्थानांतरण के बावजूद दोनों एक-दूसरे से मिलते-जुलते रहे। पवन कुमार का स्थानांतरण मुजफ्फरनगर और शैली राणा का आगरा हो गया था, लेकिन उनकी मुलाकातें जारी रहीं।
घटना की रात
शनिवार की शाम को जब पवन कुमार अपने प्रेमिका शैली राणा से मिलने आगरा के सरकारी आवास पहुंचे, तो इसकी खबर पवन कुमार के परिवारवालों को मिल गई। इसके बाद पवन कुमार की पत्नी गीता नागर, साले ज्वाला सिंह और सलहज सोनिका ने आवास पर धावा बोल दिया और दोनों इंस्पेक्टरों को रंगे हाथों पकड़कर उनकी जमकर पिटाई की। इस पिटाई में शैली राणा का हाथ मरोड़ दिया गया, जिससे उन्हें फ्रैक्चर हो गया।

पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी सिटी सूरज राय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दो दरोगा, तीन मुख्य आरक्षी और तीन सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एसीपी सदर सुकन्या शर्मा ने बताया कि इंस्पेक्टर शैली राणा को निलंबित कर दिया गया है और उनके बयान पर बवाल, हत्या का प्रयास, मारपीट, गाली गलौज जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारियां और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

पुलिस ने मौके से इंस्पेक्टर पवन कुमार की पत्नी गीता नागर, सलहज सोनिका और साले ज्वाला सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर का बेटा अधिराज भी वहां मौजूद था, लेकिन उसने मारपीट में हिस्सा नहीं लिया, इसलिए उसे उसके दादा-दादी के सुपुर्द कर दिया गया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं, और लोग इस पर विभाजित प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि पुलिस के सामने ही इंस्पेक्टर की पिटाई होती रही और अगर थाने की पुलिस चाहती तो यह मामला इतना तूल नहीं पकड़ता।पवन कुमार की स्थिति इंस्पेक्टर पवन कुमार का हाल ही में स्थानांतरण मुजफ्फरनगर से विजिलेंस में हुआ था और उन्हें लखनऊ में ज्वाइन करना था। वह मेडिकल अवकाश पर थे और इस दौरान यह घटना घटी। उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है और कमिश्नरेट से उनके खिलाफ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है।

पुलिसकर्मियों पर भी गाज
घटना के दौरान मूकदर्शक बने पुलिसकर्मियों को भी कमिश्नरेट से बाहर स्थानांतरित करने की तैयारी है। डीसीपी सूरज राय ने स्पष्ट किया कि किसी को जिले में नहीं रहने दिया जाएगा। यह घटना पुलिस विभाग में अनुशासन और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और जनता की नजरें अब आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।यह घटना न केवल आगरा पुलिस बल्कि नही पूरे पुलिस विभाग के लिए एक चेतावनी है। अनुशासनहीनता और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेना होगा और ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी होगी। जनता उम्मीद करती है कि इस घटना से सबक लिया जाएगा और शहर में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

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