Breking news: बैतूल माचना पर पुल न होने से ग्रामीण नाराजः मतदान के बहिष्कार का किया ऐलान, पुल नहीं तो वोट नहीं का लगाया बैनर

बैतूल माचना पर पुल न होने से ग्रामीण नाराजः मतदान के बहिष्कार का किया ऐलान, पुल नहीं तो वोट नहीं का लगाया बैनर

काजी जामठी और जैतापुर का मामला 

बैतूल गांव के करीब से गुजरने वाली माचना नदी पर पुल न होने से नाराज काजी जामठी और जैतापुर के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। आज ग्रामीणों ने नदी पर पहुंचकर यहां पुल नही तो वोट नहीं का बैनर लगा दिया है। वे लंबे समय से नदी पर पुल की मांग कर रहे है।यह क्षेत्र ग्राम पंचायत बरसाली और सोहागपुर में आता है। बताया जा रहा है की काजी जामठी जैतापुर मार्ग के बीच माचना नदी पर पुलिया नहीं बनने से ग्रामीण नाराज है।

ग्रामीण दीपक के मुताबिक काजी जामठी-जैतापुर मार्ग पर माचना नदी के ऊपर वर्षों से पुलिया नहीं बनने से ग्रामीण काफी नाराज है। इस मार्ग से ही क्षेत्र के समस्त किसानों द्वारा अपनी उपज व गन्ना सुहागपुर ले जाया जाता है। साथ ही बरसात में नदी मे पानी का बहाव तेज होने के कारण स्कूली छात्रों और ग्रामीणों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जो आप वर्षाकाल के फाईल वीडियो में साफ तौर पर देख सकते हैं

ग्रामीण पिछले कई सालों से समस्त जनप्रतिनिधियों को मौके पर लाकर भी पुल निर्माण के लिए गुहार लगाई जा चुकी है, पर सभी ने केवल आश्वासन ही दिया है। इसीलिए इस बार ग्रामीणों ने आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान के बहिष्कार का निर्णय लिया है।बताओ दें, की इसी मार्ग से काजी जामठी, बरसाली, लाखापुर के किसानों का गन्ना सोहागपुर शुगर मिल को जाता है। यह बैतूल जिला मुख्यालय से महज दस किमी दूर है। बारिश के दिनों में यहां माचना में पानी आ जाने से जैतापुर व अन्य ग्रामों का आवागमन बंद हो जाता है। इससे जैतापुर की कर 600 की आबादी और बागदा के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।सामान्य दिनों में ग्रामीण यहां एक दूसरे से चंदा कर नदी से गुजरने वाले स्थान पर पाइप डालकर जेसीबी की मदद से इसे आवागमन लायक बना देते हैं, लेकिन जैसे ही बारिश आती है। तो फिर से पाइप निकाल ली जाती है। ऐसे में आवागमन बंद हो जाता है।

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