Betul News:न्याय की गुहार अनसुनी तो विरोध ने लिया खतरनाक रूप, पुलिस व्यवस्था पर गहरे सवाल!
न्याय की गुहार अनसुनी तो विरोध ने लिया खतरनाक रूप, पुलिस व्यवस्था पर गहरे सवाल!

बैतूल।कानून-व्यवस्था का पहरा देने वाले महकमे के दरवाजे जब आम जनता के लिए भारी हो जाएं, तो आक्रोश अक्सर रास्ता बदल लेता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला बैतूल शहर में निकल कर सामने आया, और शायद बैतूल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब एक महिला एसपी कार्यालय की छत तक पहुंच गई और विरोध का खतरनाक तरीका अपनाने की कोशिश की। यह घटना सिर्फ एक व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणि पर सवाल है। पुलिस अधीक्षक को जिले का कप्तान कहा जाता है एक ऐसा पद, जहां से न्याय की दिशा तय होती है। लेकिन सवाल यह है कि जब उसी दफ्तर की छत पर कोई फरियादी अपनी जान जोखिम में डालकर ध्यान खींचने को मजबूर हो जाए, तो जिम्मेदारी आखिर किसकी बनती है? जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला पहले भी अपनी समस्या को लेकर अधिकारियों के पास पहुंच चुकी थी। लेकिन बार-बार की अनसुनी ने उसकी उम्मीदों को कमजोर कर दिया। जब सुनवाई की उम्मीद खत्म होती नजर आई, तो विरोध ने खतरनाक मोड़ ले लिया। यह हालात बताते हैं कि शिकायतों का समय पर निराकरण न होना किस तरह गंभीर रूप ले सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उच्च अधिकारियों तक पहुंच बनाना आसान नहीं रह गया है। फोन कॉल्स का जवाब न मिलना और शिकायतों का लंबित रहना आम चर्चा का विषय बन चुका है। ऐसे में पीड़ितों के सामने विकल्प सीमित होते जा रहे हैं और यही स्थिति चिंता का कारण है।पुराने दौर की कार्यशैली क्यों याद आई?इस घटना के बाद जिले में पूर्व पुलिस अधीक्षको को बैतूल वासियों द्वारा एक बार फिर याद जिसमें सिमाला प्रसाद और निश्चल झरिया की कार्यप्रणाली की चर्चा फिर से होने लगी है। लोगों का मानना है कि उस समय शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया और संवाद की सहजता ने विश्वास को बनाए रखा था। हालांकि घटना की सूचना मिलते ही एएसपी कमला जोशी तत्काल मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें एक बाइक पर बैठकर घटनास्थल तक आना पड़ा। उनके साथ एसडीओपी सुनील लाटा भी मौके पर पहुंचे और दोनों अधिकारियों की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद महिला थाना टीआई कविता नागवंशी और हेड कांस्टेबल सविता ने नगमा को सुरक्षित नीचे उतारा।इस दौरान आशंका जताई जा रही है कि नगमा ने कोई संदिग्ध तरल पदार्थ पी लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां वह बेहोश हालत में है।निरम ने आरोप लगाया है कि अलसया पारदी लंबे समय से उनके परिवार को प्रताड़ित कर रहा है और नरेश के साथ विवाद करवाता है, ताकि उनका परिवार पारदी ढाणा छोड़ दे। वहीं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के मुताबिक अलसया और लखन दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और अलसया जिला बदर भी रह चुका है।पुलिस ने पूरे मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर लिया है और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं एसपी कार्यालय की छत पर चढ़कर हंगामा करने के मामले में अलग से कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए विधि विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दोनों महिलाओं का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
