Betul News:लाचार मरीज, लूट-खसोट का कारोबार जांच के नाम पर रस्म अदायगी!
सर्जन डॉ.धाकड़ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से अक्रोशित हुए परिजन
लाचार मरीज, लूट-खसोट का कारोबार जांच के नाम पर रस्म अदायगी!
सर्जन डॉ.धाकड़ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से अक्रोशित हुए परिजन
कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की शिकायत, कार्यवाही की मांग

बैतूल। बैतूल में डॉक्टर द्वारा मरीजों से पैसे लेने और उसके बाद इलाज करने यहां कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी जिला चिकित्सालय में पैसे लेकर इलाज करने के मामले में कई बार शिकायत हुई है लेकिन उसे मामले में भी सिर्फ जांच के नाम पर खाना पूर्तिकर मामले को रफा दबा कर दिया गया अगर डॉक्टर पर सही कार्रवाई हो जाए तो वह मरीजो से पैसे लेने की गुस्ताखी नहीं कर करेगा लेकिन जब अधिकारियों की छूट हो तो तुम मरीजों से पैसे लेने का सिलसिला चलता रहेगा और जांच के नाम पर रसमलाई की जाती है और जानता को लुटने के लिए डॉक्टर को खुली छूट देती जा रही है! ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर धाकड़ द्वारा पैसे लेने का वीडियो साफ तौर पर दिखाई दिया दे रहा था और उसमें शिकायत भी हुई लेकिन अधिकारियों द्वारा उसे पर गंभीरता नहीं ली जा रही है और ना ही उसे मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिसको लेकर परिजनों के मन में आक्रोश है तो वहीं पैसों की मांग करने वाले सर्जन डॉ.धाकड़ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर एवं सीएमएचओ से शिकायत कर शीघ्र कार्यवाही करने की मांग की है। दरअसल, जामगांव निवासी महिला को पेट में गांठ हो गई थी, जिसके इलाज के लिए डॉक्टर धाकड़ द्वारा पांच हजार रुपए मांगे जा रहे थे। इसके बाद परिजन ने डॉ. धाकड़ को 1700 रुपए देते हुए एक वीडियो बना लिया। करीब 1 मिनट 17 सेकंड के इस वीडियो में डॉ. धाकड़ ट्रामा सेंटर में दिखाई दे रहे हैं। इसमें एक ग्रामीण महिला पर्स से पैसे निकालते दिख रही है। वीडियो में डॉ. धाकड़ को 1700 रुपए देने की बात सामने आ रही है।
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इस मामले में कलेक्टर के आदेश के बाद सिविल सर्जन पूरे मामले की जांच कर रहे थे। वहीं जांच के बाद ही कार्रवाई करने की बात की जा रही थी। लेकिन घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर परिजन आक्रोशित हो रहे हैं।

शिकायतकर्ता अर्जुन देवहारे ने बताया वे अपनी पत्नी लक्ष्मी देवहारे के पेट की गठान का आपरेशन करवाने जिला अस्पताल गए थे। जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ.धाकड द्वारा आपरेशन करने के बदले 4 हजार की मांग की गई थी। परिस्थति ठीक नहीं होने के कारण वे पैसे देने में असमर्थ थे। इसके बाद भी उन्होंने 1700 रु उधार लेकर डॉक्टर को दिए थे। उन्होंने बताया कि डॉक्टर को समय पर पैसे नहीं देने के कारण लक्ष्मी देवहारे का आपरेशन समय पर नहीं हो पाया था। जिसके कारण उसे शारिरिक पीड़ा हुई। ऑपरेशन सुबह 10 बजे होना था, लेकिन 5 घंटे देरी से किया गया। जिससे उन्हें अत्यधिक कष्ट उठाना पड़ा। इस मामले में उन्होंने डॉक्टर धाकड़ के खिलाफ आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कार्यवाही करने की मांग की है।
