Betul News:भैया की कृपा बरसी ऐसी कि सरकारी ज़मीन भी दान में मिल गई!
अध्यक्ष का वह दावा, जिसमें वे 14,000 स्क्वायर फीट ज़मीन मिलने का दावा
भैया की कृपा बरसी ऐसी कि सरकारी ज़मीन भी दान में मिल गई!

बैतूल। जिले की सियासत इन दिनों किसी चुनावी मंच पर नहीं, बल्कि सीधे ज़मीन पर उतर आई है और वो भी सरकारी ज़मीन पर। शहर से लेकर गांव तक चर्चा का एक ही मुद्दा है कि आखिर किस ‘कृपा’ के दम पर हजारों स्क्वायर फीट सरकारी ज़मीन ऐसे बांटी जा रही है, जैसे यह कोई निजी संपत्ति हो।सूत्रों के मुताबिक मामला करीब 4,700 स्क्वायर फीट सरकारी ज़मीन के आवंटन से जुड़ा है, जो कि हमलापुर में सरकारी जमीन जिसे कथित तौर पर एक खास वर्ग को दे दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे ‘दान’ प्रक्रिया में नियम-कायदों की किताब शायद कहीं पीछे छूट गई और आगे रहा सिर्फ भैया का आशीर्वाद।स्थानीय लोगों का कहना है कि आम आदमी सालों तक पट्टा या जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए दफ्तरों के चक्कर काटता रहता है, लेकिन यहां मामला कुछ अलग ही नजर आता है। सूत्रों की मानें तो मामला करीब 4,700 स्क्वायर फीट ज़मीन के आवंटन से जुड़ा बताया जा रहा है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि चर्चा यहीं नहीं रुक रही। समाज के कथित अध्यक्ष का दावा है कि उन्हें तो 14,000 स्क्वायर फीट ज़मीन दी गई है अब सवाल यह है कि कागज़ पर कितनी और ज़मीन पर नज़र कितनी?शहर में उड़ते धुएं के छल्लों के साथ साथ दावों के छल्ले भी कम नहीं हैं। वही लोग बाते कर रहे हैं कि जो अध्यक्ष है कही बची हुई जमीन बेच कर पैसे कमाने की तो फिराक में नहीं! या हो सकता है अपनी समाज में पकड़ बनाने के लिए जो दान में मिली जमीन से ज्यादा अतिक्रमण कर समाज में अच्छा बनने की कशिश कर रहा हो!लोगो के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी जमीन अब जरूरतमंदों के लिए नहीं, बल्कि ‘चहेतों’ के लिए आरक्षित हो गई है!सरकारी ज़मीन का मामला अब सिर्फ ज़मीन का नहीं रहा, बल्कि यह सवाल बन गया है कि आखिर जिले में नियम बड़े हैं या फिर किसी भैया की कृपा।
