Betul News:सीएमओ का आदेश कार्य से प्रथक करने पर हाईकोर्ट से मिला पंचायत कर्मी को स्टे
सीएमओ का आदेश कार्य से प्रथक करने पर हाईकोर्ट से मिला पंचायत कर्मी को स्टे

बैतूल जिले की बहुत चर्चित नगर परिषद घोड़ाडोंगरी फिर एक बार जन चर्चा में आ गयी जब दो माह पूर्व पंचायत कर्मी ओम पवार जब हाई कोर्ट की शरण मे पहुँचे तो जज संजय द्वेवादी ने उनको सीएमओ ऋषिकांत यादव के आदेश क्र. 698 से कार्य से पृथक करने के आदेश को स्थगन का आदेश दे दिया। पंचायत कर्मी ओम पवार दो माह से दर दर भटकने के बाद हाई कोर्ट की शरण मे पहुचे उससे पहले वो कलेक्टर महोदय को परिवार सहित उपस्थित होकर दो बार आवेदन प्रस्तुत किया फिर जनसुनवाई में आवेदन जिला शहरी विकास परियोजना अधिकारी को आवेदन सयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवम विकास विभाग को आवेदन आयुक्त नगरीय प्रशासन एवम विकास भोपाल को आवेदन अध्यक्ष नगर परिषद घोड़ाडोंगरी को आवेदन कर चुके थे इन सभी को आवेदन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर अंत में माननीय उच्च न्यायालय की सरण में 01.07.2024 को आवेदन प्रस्तुत किया जिस पर न्यायालय द्वारा 09.07.2024 को अक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश चुनौती देते हुए स्थगन आदेश जारी यह कहते हुए जारी किया की याचिका कर्ता को पूर्व अनुसार कार्य पर रखा जावे।

पिछले कुछ समय पूर्व भी पी.ई.सी ने भी सीएमओ ऋषिकांत यादव के एक तरफा आदेश को स्थगित कर ओम पवार को फिर से नोकरी बहाल करने का आदेश पारित किया था पर सीएमओ साहब ने पी.ई.सी के आदेश के बाद भी अभी तक ओम पवार को वापस नोकरी पर नही रखा था अब क्या सीएमओ ऋषिकांत यादव कोर्ट के आदेश को मानते है या उसमें भी कोई नया नियम लाकर खड़ा कर देते है क्योकि सीमाओ साहब की बात हमेशा की तरह निराली है।
