Betul News:घोड़ाडोंगरी विधायक गंगाबाई का विवादास्पद बयान: खाकी वर्दी के सम्मान को किया तार-तार,
यदि खाकी को नौकरी करना है तो विधायक के कहने पर चलना है तो ही नौकरी कर पाओगे अन्यथा नहीं
घोड़ाडोंगरी विधायक गंगाबाई का विवादास्पद बयान: खाकी वर्दी के सम्मान को किया तार-तार,
यदि खाकी को नौकरी करना है तो विधायक के कहने पर चलना है तो ही नौकरी कर पाओगे अन्यथा नहीं

बैतूल मध्य प्रदेश सरकार जनता और प्रशासनिक अधिकारियों के हितों की बात करती है, लेकिन वही जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि, अधिकारियों की इज्जत को सार्वजनिक रूप से तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक गंगाबाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे खाकी वर्दी पहने पुलिस अधिकारियों को जनता के सामने अपमानित करती नजर आ रही हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि गंगाबाई ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बेहद अपमानजनक और कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे खाकी वर्दी का सम्मान धूमिल हुआ है। उन्होंने कहा, “तुम जैसे अफसरों का कोई सम्मान नहीं। जो जनता की सेवा नहीं कर सकते, वे इस वर्दी के लायक नहीं।” विधायक के इन शब्दों ने न केवल उन पुलिसकर्मियों का मनोबल तोड़ा बल्कि समाज में खाकी वर्दी के प्रति आम जनता और अपराधियों के बीच के खौफ को भी कम कर दिया।गंगाबाई का यह रवैया समाज में एक नकारात्मक संदेश भेज रहा है, जिससे अपराधियों के मन से खाकी वर्दी का डर खत्म हो सकता है। पूर्व विधायक स्वर्गीय सज्जनसिंह उइके, जिनकी गरिमा और सम्मान की मिसाल दी जाती है, उनके विपरीत गंगाबाई का यह व्यवहार जनप्रतिनिधियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में अपराध का स्तर बढ़ सकता है। खाकी वर्दी का समाज में सम्मान बना रहना चाहिए, और जनप्रतिनिधियों को अपने बयानों में संयम बरतने की जरूरत है। विधायक गंगाबाई, जो स्वयं एक शिक्षिका हैं, उनसे ऐसे शब्दों की उम्मीद नहीं की जाती थी।
उनका यह बयान न केवल उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों के मनोबल को भी कमजोर करता है। जनता के बीच एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या जनप्रतिनिधि अब खाकी वर्दी के सम्मान को भूल चुके हैं? क्या अब केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस तरह के अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया जाएगा? इस घटना ने निश्चित रूप से समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब जनता को मिलना चाहिए।
