Betul News:भैया अतिक्रमण हटाने के लिए इच्छाशक्ति चाहिए।
भैया अतिक्रमण हटाने के लिए इच्छाशक्ति चाहिए।
भैया पहले गंज और कोठी बाजार मार्केट का अतिक्रमण तो हटाओ फिर हटाना गलियों का

बैतूल:- किसी भी सरकार के लिए, चाहे वह देश की हो या राज्य की, उसके क्षेत्र में निवासरत नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। आम नागरिकों को ये मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार के लिए आवश्यक होता है। इसमें लाभ-हानि का कोई महत्व नहीं है।किसी भी देश, राज्य, शहर या कस्बे गांव में व्यक्ति के विकास हेतु परिवहन सुविधा बेहतर होना आवश्यक है। जिले में जिस प्रकार से अतिक्रमण मुक्त करने के लिए साहब ने मुहिम छेड़ी थी, उसके परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। अतिक्रमण के नाम पर सिर्फ गरीब आदमी की सब्जियों की दुकानों पर ही नपा ने जोर आजमाइश की है। लेकिन बड़े धन्ना सेठों से आने वाली दमड़ी के चलते वहा करवाई करने में परहेज कर रहे हैं।बैतूल जिले का गंज क्षेत्र, जो जिले के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम इलाकों में से एक है, वहां हर दिन हर मिनट ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या उभर रही है। पूजा स्वीट्स के सामने ववाले मार्ग पर तो 40 फिट की रोड़ को 5 फिट कर दिया गया। आख़िर भैया और भैया का प्रशासन इन पर कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा।गंज बस स्टैंड के पास का मुख्य मार्ग, जहां से रेल्वे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाने वाले ऑटो, बसें और भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इस पूरे मार्ग पर अतिक्रमण और असंगठित यातायात व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन चुकी है, जिसका सीधा असर आम जनता की दिनचर्या पर पड़ रहा है। यहां पर बड़े व्यापारी ही अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण कर रखे हुए हैं।
अतिक्रमण से बढ़ता जाम
गंज बस स्टैंड के सामने स्थित दुकानों ने अपने सामान को बाहर तक फैला रखा है, जिससे फुटपाथ से लेकर सड़क तक हर जगह अव्यवस्था फैल रही है। दुकानदारों द्वारा सड़क पर सामान रखना, ना सिर्फ पैदल यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है बल्कि बड़े वाहनों के लिए भी रास्ता संकीर्ण हो जाता है। इससे आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती रहती है, जो न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि इस इलाके से गुजरने वाले बाहरी यात्रियों के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है।
प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस का उदासीन रवैया के पीछे का कारण भैया की इच्छाशक्ति
अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। कई बार प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसा लगता है कि प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है और ट्रैफिक व्यवस्था में भी कोई सुधार नहीं किया गया है।
क्या है इसका असर?
इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की वजह से रोजाना सैकड़ों वाहन फंसे रहते हैं, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि इमरजेंसी सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों का समय पर पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, इस जाम के कारण लोग असुविधा महसूस कर रहे हैं और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है। नपा ने तो बेसमेंट में बने गोडाउन पर भी कोई कार्यवाही नहीं की भला करती भी कैसे दिया तले अंधेरा जो है!
