Betul News:बैतूल में बेख़ौफ़ भूमाफिया समाजसेवी को कॉलेज चौक पर महिला और उसके परिवार ने चप्पलों से पीटा, कॉलर पकड़कर ले गए थाने,पुलिस पर दबाव बनाकर की झूठी शिकायत, करवाया मामला दर्ज
जमीनी मामले में पीड़ित की मदद में आगे आये समाजसेवी पंकज अतुलकर के साथ हुई शर्मनाक घटना
बैतूल में बेख़ौफ़ भूमाफिया समाजसेवी को कॉलेज चौक पर महिला और उसके परिवार ने चप्पलों से पीटा, कॉलर पकड़कर ले गए थाने,पुलिस पर दबाव बनाकर की झूठी शिकायत, करवाया मामला दर्ज
जमीनी मामले में पीड़ित की मदद में आगे आये समाजसेवी पंकज अतुलकर के साथ हुई शर्मनाक घटना

मध्यप्रदेश के बैतूल में एक प्रतिष्ठित समाजसेवी पंकज अतुलकर जो आज किसी पहचान के मोहताज नही है जो अपने और अन्य समाज के लोगों के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते है हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले कई कठिनाइयों का सामना करके अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले भीमसेना के प्रदेश प्रभारी पंकज अतुलकर का एक जमीनी मामले में हुई धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित व्यक्ति की मदद करने आगे क्या आये ये बात भूमाफियाओं को इतनी नागवार गुजरी की जिला मुख्यालय के व्यस्ततम क्षेत्र कॉलेज चौक पर महिला ने अपने परिवार के साथ आकर समाजसेवी पंकज अतुलकर की सरेराह चप्पलों से बेरहमी से पिटाई करनी शुरू कर दी इतना ही नही भूमाफिया परिवार ने पंकज पर 5 लाख रुपये मांगने और मामले को खत्म करने जैसे संगीन आरोप भी लगाए और उन्हें कॉलर से पकड़ कर गंज थाने पीटते हुए ले गई और झूठा मामला भी बनवा दिया इस पूरे वाक्य से अब कई प्रश्न और शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और भूमाफिया के खिलाफ कुछ भी पोस्ट सोशल मीडिया पर करना खतरे से खाली नही है पर सवाल यह भी है कि इस तरह से सरेराह किसी समाजसेवी के साथ ऐसी घटना होना खुली गुंडागर्दी और पुलिस का भूमाफियाओं पर मामला दर्ज न करके समाजसेवी पर ही मामला दर्ज करना क्या सही है! पर इस पूरे घटना क्रम से एक बात तो साफ हो गई कि अब कोई भी समाजसेवी कभी किसी पीड़ित की मदद के लिए आगे आने से पहले हजार बार सोचेगा और इसी तरह भूमाफियाओं की मनमानी से लाचार जनता परेशान होती रहेगी ।अब देखना यह होगा कि इस खबर के चलने के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी मामले में संज्ञान लेकर पंकज पर बने झूठे मामले में खात्मा करवाएंगे या इसी तरह महिलाओं को आगे करके भूमाफिया गरीब जनता की जमीनों को हड़पने का काम करते रहेंगे।
