Betul News:गांधी वार्ड में निर्माण सामग्री से सड़क जाम, बच्चों और राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें

गांधी वार्ड में निर्माण सामग्री से सड़क जाम, बच्चों और राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें

बैतूल।कोठीबाजार क्षेत्र के गांधी वार्ड, निलेश राने की गली में इन दिनों मकान निर्माण का कार्य जोरों पर चल रहा है, लेकिन इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण सामग्री जैसे रेत, ईंट, गिट्टी और सीमेंट सड़क के बीचों-बीच बिखरी पड़ी है, जिसके कारण आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। खासतौर पर सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को इस समस्या से सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखने की कोई कोशिश नहीं की गई है। सड़क पर पड़े सामान के कारण न केवल पैदल चलना मुश्किल हो गया है, बल्कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए भी रास्ता संकरा हो गया है। एक राहगीर ने बताया, सुबह जब बच्चे स्कूल के लिए निकलते हैं, तो उन्हें सड़क पर पड़े ढेर के बीच से रास्ता बनाना पड़ता है। कई बार तो सामान के ढेर से टकराने का डर बना रहता है।रहवासियों ने बताया कि पार्षद और नगरपालिका को सूचना देने के बाद भी पार्षद एवं नगरपालिका की ओर से इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि न तो कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए आया और न ही निर्माण सामग्री को हटाने के लिए कोई कदम उठाया गया। एक स्थानीय निवासी ने गुस्से में कहा, नगरपालिका अंधी और बहरी बनी हुई है। हमारी शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं है।गांधी वार्ड के निवासियों ने बताया कि यह समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से पड़ी सामग्री से हादसे का खतरा भी बना हुआ है। सुबह के व्यस्त समय में जब स्कूल जाने की जल्दी होती है, तब यह परेशानी और बढ़ जाती है।स्थानीय लोगों ने नगरपालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माणकर्ता को निर्देश दिया जाए कि वह अपनी सामग्री को सड़क से हटाकर उचित स्थान पर रखे, ताकि आम लोगों और बच्चों को परेशानी न हो। साथ ही, सड़क की सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की भी जरूरत है।अब देखना यह है कि नगरपालिका इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेती है और लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है। फिलहाल, गांधी वार्ड के निवासी और स्कूली बच्चे इस अव्यवस्था के बीच अपना रास्ता निकालने को मजबूर हैं।

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