betul News :सस्ती खाद बाँटी, तो नाराज़ हुआ खाद कारोबारी आदिवासी किसान को जान से मारने की धमकी
आदिवासी किसान को फोन पर गाली और लाइसेंसी बंदूक से डराने का आरोप
सस्ती खाद बाँटी, तो नाराज़ हुआ खाद कारोबारी आदिवासी किसान को जान से मारने की धमक
आदिवासी किसान को फोन पर गाली और लाइसेंसी बंदूक से डराने का आरोप

बैतूल (भैंसदेही)। ग्राम कोड़ी निवासी आदिवासी युवक शिवनाथ मर्सकोले ने पुलिस अधीक्षक बैतूल को शिकायत सौंपते हुए गांव के स्वप्टिल राठौर पर खाद वितरण विवाद में फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि उसने महंगी खाद न खरीदते हुए अन्यत्र से सस्ती खाद मंगवाई, जिससे नाराज होकर आरोपी ने उसे धमकाया और लाइसेंसी बंदूक का डर दिखाया। मामले में पीड़ित ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।ग्राम कोड़ी निवासी 26 वर्षीय शिवनाथ मर्सकोले ने आरोप लगाया है कि गांव के ही स्वप्टिल राठौर ने उसे फोन पर मां-बहन की गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मार दुगा जैसे शब्दों बोल कर खुलेआम डराने की कोशिश की। जिसकी वजह से युवक में दहशत का माहौल है।
क्या है मामला?
पीड़ित किसान शिवनाथ मर्सकोले ने बताया कि गांव के कई किसानों को यूरिया खाद की सख्त ज़रूरत थी, लेकिन स्वप्टिल राठौर और उसके पिता ₹500 प्रति बोरी की ऊँची कीमत पर खाद बेच रहे थे। यह दर बाजार दर से कहीं अधिक थी। किसानों का आर्थिक शोषण होता देख शिवनाथ ने अन्यत्र से ₹270 प्रति बोरी की दर से 150 बोरियाँ खाद मंगवाई और उन्हें ज़रूरतमंदों में वितरित किया।शिवनाथ का दावा है कि जब स्वप्टिल राठौर को इसकी जानकारी मिली तो उसने शिवनाथ को कॉल कर मां-बहन की गालियाँ दीं और कहा कि जीप से कुचलवा दूंगा, जान ले लूंगा। साथ ही, अपनी लाइसेंसी बंदूक का डर दिखाया और कहा कि गांव में उसी की चलेगी शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्वप्टिल राठौर पुलिस थाने से करीबी संबंधों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ मिलकर गांव में दहशत फैलाता है। उसका मकसद है कि कोई भी आदिवासी उसके खिलाफ आवाज़ न उठाए। शिवनाथ ने बताया कि इस वजह से गांव के अन्य गरीब किसान भी डरे हुए हैं और शिकायत करने से कतराते हैं।
